गरमी शुरू होते ही प्रखंड में पेयजल संकट गहराया
खोदाबंदपुर. गरमी के दस्तक देते ही चापाकलों ने पानी देना बंद कर दिया है. प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. प्रखंड क्षेत्र के अधिकतर ताल-तलैया सुख जाने से पशु-पक्षियों के समक्ष पेयजल संकट गहरा गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेघौल, मलमल्ला, खोदाबंदपुर, बाड़ा, बेगमपुर, नरूल्लाहपुर,चलकी आदि गांवों […]
खोदाबंदपुर. गरमी के दस्तक देते ही चापाकलों ने पानी देना बंद कर दिया है. प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. प्रखंड क्षेत्र के अधिकतर ताल-तलैया सुख जाने से पशु-पक्षियों के समक्ष पेयजल संकट गहरा गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेघौल, मलमल्ला, खोदाबंदपुर, बाड़ा, बेगमपुर, नरूल्लाहपुर,चलकी आदि गांवों में जल स्तर नीचे चले जाने से चापाकलों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गयी है. चापाकलों से पानी नहीं टपक ने के कारण लोग परेशान हैं. विभागीय उदासीनता के कारण जर्जर चापाकलों की मरम्मत भी नहीं हो पाती है. प्रखंड मुख्यालय में स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र किसान भवन, कर्पूरी स्मृति भवन, प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर आदि में चापाकलों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गयी है. इसका दंश पदाधिकारियों को भी भुगतना पड़ रहा है. इस संदर्भ में बीडीओ कुमुद रंजन ने बताया कि पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए कुछ नये चापाकल गड़वाने तथा जर्जर चापाकलों की मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है.
