पंजवारा (बांका). स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण विकास के तमाम दावों के बीच पंजवारा पंचायत के वार्ड नंबर 5 की तस्वीर व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है. यहां नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण नालियाँ कचरे और गंदगी से पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिससे गंदा पानी निकासी के अभाव में उफनकर सीधे मुख्य सड़क पर बह रहा है. सड़क बनी तालाब, बदबू से जीना मुहाल हालात यह हैं कि घरों का गंदा और नाले का बदबूदार पानी रोजाना बीच सड़क पर बह रहा है. सड़क पर फैले इस नारकीय पानी और कीचड़ के बीच से गुजरने को मजबूर राहगीरों का चलना दुश्वार हो गया है. सबसे बुरी स्थिति मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों की है, जिन्हें स्कूल या जरूरी काम से आने-जाने के दौरान रोजाना फिसलकर चोटिल होने का डर सताता रहता है.गंदे पानी की सड़न से उठने वाली दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे यहाँ संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा मंडराने लगा है. जिम्मेदारों के सिर्फ आश्वासन, धरातल पर शून्य काम स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर वार्ड सदस्य से लेकर पंचायत समिति सदस्य और मुखिया जी तक गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले.ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार यह कहकर टालमटोल किया जा रहा है कि विभाग से अभी फंड या किसी प्रकार की राशि प्राप्त नहीं हुई है. आक्रोशित ग्रामीणों की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों के इस उदासीन और लापरवाह रवैये से वार्ड के लोगों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान ही नहीं कर सकते, तो ऐसे विकास के दावों का क्या फायदा. जनता ने प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों से जल्द से जल्द नाले की सफाई कराकर जलजमाव से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है, अन्यथा वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
