कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Unsafe Bus Shelter Alert: कटोरिया बाजार के देवघर रोड बस स्टैंड के समीप स्थित यात्री शेड बदहाली और उपेक्षा का शिकार हो गया है. वर्षों पहले निर्मित यह शेड अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है. छत से लगातार प्लास्टर टूटकर गिर रहा है और कई जगहों पर लोहे के सरिए खुलकर बाहर आ गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
यात्रियों के लिए सुविधा नहीं, बन रहा खतरा
देवघर रोड बस स्टैंड पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री बसों का इंतजार करते हैं. तेज धूप, बारिश और खराब मौसम से बचने के लिए लोग इसी यात्री शेड का सहारा लेते हैं. लेकिन अब इसकी हालत ऐसी हो गई है कि यहां बैठना भी जोखिम भरा साबित हो सकता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि शेड की जर्जर स्थिति के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
श्रावणी मेला से पहले बढ़ी चिंता
आगामी 31 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में कांवरिया बाबाधाम की ओर जाते हैं. बस स्टैंड पर वाहनों के रुकने के दौरान सैकड़ों महिला और पुरुष कांवरिया इस शेड में विश्राम करते हैं.
ऐसे में यदि मेला शुरू होने से पहले शेड की मरम्मत नहीं कराई गई तो हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.
छत से गिर रहा प्लास्टर, दिखने लगे लोहे के सरिये
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के अनुसार शेड की छत से आए दिन प्लास्टर के टुकड़े गिरते रहते हैं. कई जगहों पर प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है और अंदर के लोहे के सरिए साफ दिखाई देने लगे हैं.
लोगों का कहना है कि यदि छत का कोई बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर गिर जाए तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है. इससे यात्रियों और राहगीरों की जान को खतरा हो सकता है.
ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर कराई थी मरम्मत
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि करीब आठ वर्ष पहले कटोरिया निवासी समाजसेवी श्याम केशरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा एकत्र कर यात्री शेड की मरम्मत कराई थी.
इसके बाद से न तो किसी विभाग ने इसकी देखरेख की और न ही जनप्रतिनिधियों ने इसके संरक्षण को लेकर कोई ठोस पहल की. परिणामस्वरूप आज यह शेड खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया है.
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय दुकानदारों, यात्रियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब यात्री शेड की मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए.
लोगों का मानना है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले यदि मरम्मत कार्य पूरा नहीं हुआ तो यह जर्जर यात्री शेड किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है.
