बांका में सर्पदंश से दो महिलाओं की बिगड़ी हालत, समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान
Snake Bite Incident : उमस भरी गर्मी के बीच कटोरिया क्षेत्र में सांप और अन्य विषैले जीव-जंतुओं के हमलों की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. मंगलवार को विषैले सांप के डंसने से दो महिलाएं गंभीर रूप से बीमार हो गईं, जिन्हें परिजनों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सकों की तत्परता और समय पर मिले उपचार से दोनों महिलाओं की जान बच गई.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : कटोरिया एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी और उमस के साथ सर्पदंश की घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. खेत-खलिहान और घरों के आसपास सांपों की गतिविधियां बढ़ने से लोग दहशत में हैं. मंगलवार को अलग-अलग गांवों की दो महिलाएं विषैले सांप के डंसने से गंभीर रूप से बीमार हो गईं. परिजनों ने बिना देर किए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया पहुंचाया, जहां चिकित्सकों और मेडिकल टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया. डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण दोनों महिलाओं की स्थिति अब खतरे से बाहर है.
सर्पदंश की दो घटनाओं से मचा हड़कंप
कटोरिया (बांका). क्षेत्र में मंगलवार को सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी. विषैले सांप के डंसने से जख्मी हुई दो महिलाओं को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया में भर्ती कराया गया.
दोनों महिलाओं की हालत हुई गंभीर
जानकारी के अनुसार सुईया थाना क्षेत्र के लहरनियां गांव निवासी शालिग्राम यादव की 25 वर्षीय पत्नी सुनीता देवी तथा छाताकुरूम गांव निवासी मनोज सिंह की 35 वर्षीय पत्नी नमिता देवी को सांप ने डंस लिया. घटना के बाद दोनों महिलाओं की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे.
मेडिकल टीम ने तुरंत शुरू किया इलाज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार एवं डॉ. शैलजानंद शुक्ला की निगरानी में मेडिकल टीम ने दोनों महिलाओं का प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सकों ने आवश्यक दवाएं देकर लगातार उनकी निगरानी की.
समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा
चिकित्सकों ने बताया कि दोनों महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, जिसके कारण स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता मिली. फिलहाल दोनों मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
गर्मी और उमस में बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं
स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार उमस भरे मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव-जंतु अधिक सक्रिय हो जाते हैं. इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है. अस्पताल में ऐसे मामलों के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.
चिकित्सकों की सलाह
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश या किसी भी विषैले जीव के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें. मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं, क्योंकि समय पर मिला उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है