40 किलोमीटर की कठिन परीक्षा से गुजरे प्रशिक्षु सिपाही, अनुशासन और फिटनेस का दिखा दम

Banka News : कंधों पर हथियार, पीठ पर वजन और मंजिल 40 किलोमीटर दूर. बांका पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे सैकड़ों प्रशिक्षु सिपाहियों ने लंबी दूरी का मार्च पास्ट कर अपनी शारीरिक क्षमता और अनुशासन का परिचय दिया.

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट

Banka News : बांका पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए रविवार को 40 किलोमीटर का लांग रूट मार्च पास्ट आयोजित किया गया. एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में करीब 295 प्रशिक्षु सिपाहियों ने हिस्सा लिया. पुलिस उपाध्यक्ष रक्षित कृष्णानंद के नेतृत्व में आयोजित यह मार्च पास्ट प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसका उद्देश्य जवानों की शारीरिक क्षमता, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा को मजबूत करना है.

पुलिस लाइन से अमरपुर तक तय किया लंबा सफर

पुलिस उपाध्यक्ष रक्षित कृष्णानंद ने बताया कि सभी प्रशिक्षु सिपाही ड्रेस कोड और आर्म्स के साथ समुखिया मोड़ स्थित पुलिस लाइन से रवाना हुए. मार्च पास्ट अमरपुर थाना तक पहुंचा और वहां से सभी प्रशिक्षु वापस पुलिस लाइन लौटे. पूरे मार्ग में जवानों ने अनुशासन और एकरूपता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

हथियार और वजन के साथ पूरी की चुनौती

उन्होंने बताया कि लांग रूट मार्च पास्ट आमतौर पर 21 से 40 किलोमीटर तक का होता है, जिसे पूरा करने में 4 से 8 घंटे तक का समय लग सकता है. इस दौरान प्रशिक्षुओं को सुरक्षा उपकरण, लाठी या राइफल जैसे हथियारों के साथ-साथ पीठ पर लगभग 5 से 10 किलोग्राम वजन लेकर चलना पड़ता है. यह अभ्यास कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता विकसित करने के लिए कराया जाता है.

फिटनेस और मानसिक मजबूती की होती है परीक्षा

लांग रूट मार्च पास्ट केवल शारीरिक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा होती है. लगातार कई घंटे तक निर्धारित गति और अनुशासन के साथ चलना प्रशिक्षुओं में सहनशक्ति, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करता है. पुलिस विभाग में सेवा के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए इस प्रकार का प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा पर विशेष फोकस

पुलिस उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और शारीरिक दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य प्रशिक्षु सिपाहियों को बेहतर पुलिसकर्मी के रूप में तैयार करना है, ताकि वे भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें.

कई पुलिस पदाधिकारी रहे मौजूद

मार्च पास्ट के दौरान सर्जेंट अभिजीत कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने पूरे अभ्यास की निगरानी की और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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