जलमीनार है तो पानी नहीं, पानी है तो पाइप नहीं, कैसे मिले लाभ

जलमीनार है तो पानी नहीं, पानी है तो पाइप नहीं, कैसे मिले लाभ

बांका: मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत सबसे महत्वाकांक्षी हर घर नल जल योजना इन दिनों हाथी का दांत साबित हो रहा है. कहीं जलमीनार तो है पर पानी नहीं और कहीं पानी तो है लेकिन पाइप नहीं. जिससे शंभुगंज प्रखंड के कई क्षेत्रों में शुद्ध पेय जल की समस्या बरकरार है. क्षेत्र के धरमपुर बढ़ैत गांव एवं कुर्मा पंचायत के वार्ड संख्या एक जो सबसे पहले नल जल योजना के लिए चिह्नित किया गया. इसके लिए वार्ड में सरकारी जमीन नहीं रहने के कारण सेवानिवृत्त एयरफोर्स अधिकारी श्रीकांत सिंह ने अपनी निजी जमीन दिया. स्थल चयन करने के बाद करीब दो वर्ष पूर्व काम भी प्रारंभ हुआ. वहीं बोरिंग के साथ जलमीनार भी तैयार किया गया.

आज जलमीनार तैयार हुए करीब डेढ़ वर्ष बीत गये, लेकिन जलापूर्ति चालू नहीं हो सका. ग्रामीण विजय पासवान, सुखदेव पासवान, संजय पासवान, भैरव मंडल, राजेंद्र मंडल सहित अन्य ने बताया कि यहां नल जल योजना सिर्फ कागज पर ही सिमट कर रह गया है. जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. इसके अलावे गांव के सैंकड़ों परिवार चापानल एवं कुएं का दूषित जल पीने को विवश हो रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधि से लेकर विभाग को कहा गया, लेकिन आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया.

अब इसकी शिकायत जिला पदाधिकारी से की जायेगी. वहीं वार्ड सदस्या सुनीता देवी से संपर्क करने पर कोई जबाब नहीं दिया गया. पंचायत के मुखिया सदानंद सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को नल जल का पानी नहीं मिलने से परेशानी तो हो रही है. इसके लिए वार्ड सदस्य और सचिव से बातचीत कर जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जायेगा. इस संबंध में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह प्रभारी बीपीआरओ संजीत कुमार ने बताया कि जलमीनार तैयार होने के बाद भी जलापूर्ति नहीं होना गंभीर समस्या है. मामले की जांच कर अविलंब जलापूर्ति बहाल की जायेगी.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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