हाइवे किनारे खड़ा मौत का पेड़, पंजवारा एनएच-333ए पर हर पल हादसे का खतरा
Banka News : पंजवारा बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए के किनारे खड़ा एक विशाल सूखा पेड़ स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है. राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर सता रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मौन है.
पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट
Banka News : गोड्डा-भागलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर स्थित पंजवारा बाजार में सड़क किनारे खड़ा एक विशाल सूखा पेड़ किसी बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है. वर्षों से जर्जर स्थिति में खड़े इस पेड़ की ओर स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
दरारों से भरा पेड़, कभी भी टूटकर गिरने का खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार पंजवारा स्थित रामू सिंह के पोखर के सामने, संजय चौधरी के घर के समीप तथा विक्रमपुर मोड़ के पास मौजूद कई पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं. इन पेड़ों के तनों और शाखाओं में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. तेज हवा या हल्की आंधी आने पर इनके टूटकर गिरने की आशंका बनी रहती है.
हाई वोल्टेज तारों के कारण बढ़ा खतरा
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए सूखा पेड़ हाई वोल्टेज बिजली तारों के बिल्कुल समीप खड़ा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पेड़ की कोई शाखा या पूरा तना टूटकर गिरता है, तो वह सीधे बिजली के तारों पर गिर सकता है. इससे तार टूटने, शॉर्ट सर्किट होने और बाजार क्षेत्र में आग लगने जैसी बड़ी घटनाएं घट सकती हैं.
व्यस्त बाजार और राजमार्ग पर बढ़ी चिंता
पंजवारा-गोड्डा मार्ग क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है. इस मार्ग से दिन-रात छोटी-बड़ी गाड़ियों, ट्रकों और यात्री बसों का आवागमन होता रहता है. बाजार क्षेत्र होने के कारण सड़क किनारे दुकानों पर दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है. ऐसे में यदि पेड़ अचानक गिरता है तो किसी राहगीर, दुकानदार या वाहन पर गिरकर बड़ा हादसा हो सकता है.
स्थानीय लोगों ने उठाई तत्काल कार्रवाई की मांग
व्यवसायियों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, वन विभाग और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उनका कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सूखे और खतरनाक पेड़ों को हटाया जाना चाहिए. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है.
हादसे से पहले जागे प्रशासन
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निरीक्षण कराना चाहिए. समय पर कार्रवाई होने से न केवल संभावित दुर्घटना टल सकती है, बल्कि बाजार क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन भी सुरक्षित रह सकेगा.