बांका. उच्च न्यायालय के निरीक्षी जज रितेश कुमार के द्वारा शुक्रवार को बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया गया. इस दौरान बाल बंदियों से मिलकर उनके द्वारा किए गये अपराध की जानकारी ली गयी. मौके पर निरीक्षी जज ने बाल बंदियों को समझाते हुए भविष्य में दोबारा ऐसी गलती नही करने एवं अपराध से दूर रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि बाहर निकलने के बाद अपने साथी व संगत को भी अपराध से दूर रहने के लिए समझाना है, ताकि जो स्थिति में वो है ऐसा कुछ उनके साथी संगत के साथ न हो. मारपीट के जुर्म में कैद बाल बंदियों को उन्होंने कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय, विपरीत परिस्थिति में पुलिस की मदद लेने की बात बतायी. ओब्जर्वेशन होम की व्यवस्था से निरीक्षी न्यायमूर्ति संतुष्ट दिखे. इस मौके प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य, डीएम नवदीप शुक्ला, एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा, एडीजे अमित कुमार मनु, अतुलवीर सिंह, ओम प्रकाश, स्वर्ण प्रभात, विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सपना रानी, सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र कुमार, किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी नीलम कुमारी एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारी आदि मौजूद थे.
निरीक्षी जज ने बाल सुधार गृह का किया निरीक्षण
उच्च न्यायालय के निरीक्षी जज रितेश कुमार के द्वारा शुक्रवार को बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया गया.
