थोक की खरीदारी में राहत, खुदरा की खरीदारी में महंगाई का असर

Banka News : विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर अब रसोई तक पहुंच गया है. बांका में थोक बाजार थोड़ा राहत दे रहा है, लेकिन खुदरा खरीदारी में हर दिन महंगाई का नया झटका मिल रहा है.

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट : बांका जिले में खाद्यान्न और घरेलू सामानों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पूर्णिया के गुलाबबाग और कोलकाता मंडी पर निर्भर स्थानीय बाजारों में विक्रमशिला सेतु ध्वस्त होने के बाद सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. अब सामानों की ढुलाई मुंगेर के कृष्णा सेतु होकर हो रही है, जिससे ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है. दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की चाल बदल दी है. इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई और जेब दोनों पर पड़ रहा है.

Transport Cost बढ़ा, बाजार में दिखा असर

व्यापारियों के अनुसार पहले जिन खाद्यान्नों की खेप कम दूरी तय कर बांका पहुंच जाती थी, अब उन्हें लंबा रूट लेना पड़ रहा है. इससे वाहनों का किराया बढ़ गया है और इसका असर सीधे जिंसों की कीमतों पर दिखने लगा है. खासकर दाल, तेल और चावल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. विभिन्न अनाजों की दर निम्न है.

खाद्यान्न की कीमत (प्रति क्विंटल)- न्यूनतम उच्चतम

गेहूं – 2600 2650

मक्का – 2100 2150

चावल मंसुरी – 3250 3400

चावल अरवा मोटा – 3100 3250

चावल बासमती – 12500 13500

दाल मसूर – 5550 6750

मूंग दाल – 9540 9600

अरहर दाल – 11000 14500

गोटा चना – 6200 6400

गोटा मूंग – 8500 9000

पीला सरसो – 7300 7550

सरसो तेल (15 लीटर) – 2070 2470

आलू – 1200 1450

प्याज – 1800 1900

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Author: AMIT KUMAR SINH

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