विश्व प्रसिद्ध मंदार पर्वत की तराई स्थित पापहारिणी सरोवर में अवस्थित अष्टकमल मंदिर में शुक्रवार की सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की. मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय वातावरण बना रहा.
मधुसूदन मंदिर का सुबह 5 बजे खुला पट
मंदार स्थित भगवान मधुसूदन मंदिर में भी शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. मंदिर का पट अहले सुबह 5 बजे खुल गया. पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने भगवान मधुसूदन के दर्शन कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी. सुबह 7.30 बजे भगवान की आरती पूजा संपन्न हुई.
पुजारियों ने संपन्न करायी भगवान की नित्य क्रियाएं
मंदिर के पुजारी विंदेश्वरी उर्फ पटल झा और लक्ष्मण झा आदि ने भगवान मधुसूदन की नित्य क्रियाएं विधिपूर्वक संपन्न करायीं. पुजारी ने बताया कि आगामी 31 अक्टूबर तक भगवान की विशेष दिनचर्या इसी प्रकार विधिवत जारी रहेगी.
पंचामृत स्नान और चंदन लेपन से होगा विशेष पूजन
भगवान मधुसूदन को प्रतिदिन पंचामृत से स्नान कराया जाएगा. इसके बाद चंदन लेपन कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाएगी. दोपहर 12 बजे भगवान को चावल, दाल, सब्जी सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा.
शाम 6.30 बजे होगा भव्य शृंगार
शाम 6.30 बजे भगवान मधुसूदन श्रद्धालुओं को पुनः दर्शन देंगे. इस दौरान भगवान की भव्य श्रृंगार पूजा की जाएगी. विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है.
रात में मिष्ठानों का लगेगा भोग
रात्रि में भगवान को पूड़ी, दूध, चीनी, काजू, किशमिश, पेड़ा सहित विभिन्न मिष्ठानों का भोग अर्पित किया जाएगा. इसके बाद रात 8.30 बजे मंदिर का पट बंद हो जाएगा. इस तरह पूरे दिन भगवान की पूजा, भोग और दर्शन की परंपरा विधिवत जारी रहेगी.
