लौढिया खुर्द व सबलपुर में हर घर नल का जल’ योजना फेल, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
Banka News : कहीं अधूरी जल मीनारें, कहीं बिछे पाइप लेकिन पानी गायब. बांका के कई गांवों में करोड़ों की योजना सिर्फ “शो-पीस” बनकर रह गयी है. भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है.
पंजवारा (बांका )से गौरव कश्यप की रिपोर्ट : पंजवारा क्षेत्र के लौढिया खुर्द और सबलपुर पंचायत में सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर नल का जल” योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है. भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, जबकि गांवों में बनी जल मीनारें सिर्फ ढांचा बनकर खड़ी हैं. ग्रामीणों ने संवेदक की मनमानी और अधिकारियों की लापरवाही का आरोप लगाया है.
अधूरी जल मीनारें बनीं ‘शो-पीस’
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत कहीं पाइप बिछाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया तो कहीं जल मीनारें बनाकर उन्हें चालू ही नहीं किया गया. कई जगहों पर निर्माण कार्य महीनों से बंद पड़ा है.लोगों का आरोप है कि संवेदक केवल खानापूर्ति कर काम छोड़कर चला गया, जबकि विभागीय अधिकारी पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. ग्रामीणों के अनुसार शिकायत के बावजूद न तो कोई निरीक्षण हो रहा है और न ही जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की जा रही है.
भीषण गर्मी में बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
मई की चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ते तापमान ने जल संकट को और गंभीर बना दिया है. गांवों में पेयजल की भारी किल्लत के कारण महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है.ग्रामीणों का कहना है कि दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. गर्मी के इस मौसम में पानी के लिए भटकना मजबूरी बन गयी है. कई परिवारों को पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण संवेदक मनमानी कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा लगता है जैसे जिम्मेदार विभाग “कुंभकर्णी नींद” में सोया हुआ है.लोगों के मुताबिक यदि समय रहते योजना पूरी कर ली जाती तो आज गांवों में पेयजल संकट की ऐसी स्थिति नहीं बनती.
जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. पंचायतवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अधूरी जल मीनारों का कार्य पूरा नहीं कराया गया और दोषी संवेदक पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे.ग्रामीणों ने मांग की है कि योजना की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि लोगों को गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से राहत मिल सके.