Banka News: कटोरिया (बांका). विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला अब समापन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कांवरिया पथ पर शिवभक्तों का उत्साह अब भी बरकरार है. सोमवार को सुबह से ही केसरिया वस्त्रधारी कांवरियों का सैलाब बाबाधाम की ओर बढ़ता रहा. कभी धूप तो कभी छांव के बीच दोपहर करीब दो बजे हुई झमाझम बारिश ने उमस भरी गर्मी से श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई. बारिश के बाद कांवरिये उत्साह के साथ बोलबम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे. पूरा कांवरिया पथ शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया.
विश्राम स्थलों पर रही श्रद्धालुओं की भीड़
कांवरिया पथ के अधिकांश विश्राम स्थलों, टेंट सिटी, सरकारी एवं निजी धर्मशालाओं तथा पर्यटन विभाग के कैफेटेरिया में श्रद्धालुओं को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. ठहरने की सुविधा के साथ पेयजल, शौचालय, स्नानागार, रोशनी, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं से कांवरियों को राहत मिल रही है.
28 अगस्त को होगा मेला का औपचारिक समापन
30 जुलाई से शुरू हुए श्रावणी मेला का औपचारिक समापन आगामी 28 अगस्त को होगा. इसके बाद कांवरिया पथ से राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त मेला नियंत्रण कक्ष और उप नियंत्रण कक्ष हटाए जाएंगे. वहीं तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मियों की ड्यूटी भी 28 अगस्त की रात 12 बजे के बाद समाप्त हो जाएगी.
25 अगस्त के बाद सेवा शिविरों में कम होने लगेगी गतिविधि
सुल्तानगंज से बाबाधाम तक संचालित अधिकांश नि:शुल्क सेवा शिविरों में भी 25 अगस्त के बाद सेवा कार्य बंद होने लगेंगे. देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से सेवा कार्य के लिए पहुंचे शिविर संचालक अपने घरों को लौटने लगेंगे. हालांकि श्रावण माह समाप्त होने के बाद भादो में भी कांवरिया यात्रा का सिलसिला जारी रहता है.
भादो में भी बाबाधाम पहुंचेंगे श्रद्धालु
भादो माह की एकादशी, चतुर्दशी, जन्माष्टमी और पूर्णिमा जैसे प्रमुख अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम पहुंचते हैं. ऐसे में मेला समाप्त होने के बाद कांवरिया पथ पर सेवाओं और सुविधाओं में कमी के बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रहने की उम्मीद है.
बोलबम के जयकारों से गूंजता रहेगा कांवरिया पथ
Banka News: श्रावणी मेला के औपचारिक समापन के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाएं भले ही सीमित हो जाएं, लेकिन शिवभक्तों की आस्था और बोलबम की गूंज बनी रहने की संभावना है. भादो में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा.
