बांका से नवनीत कुमार की रिपोर्ट : बांका शहर स्थित प्लस टू एस.एस. बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित छह दिवसीय प्रथम सोपान स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को भव्य समापन हुआ. समापन समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित कई शिक्षकों और प्रशिक्षकों ने भाग लिया तथा छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
समापन समारोह का उद्घाटन देवनारायण पंडित, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं विद्यालय के प्राचार्य सह भारत स्काउट और गाइड के जिला सचिव अनिल झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
“हर स्कूल में बने स्काउट-गाइड दल”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीईओ देवनारायण पंडित ने कहा कि वर्तमान समय में स्काउट-गाइड प्रशिक्षण अत्यंत प्रासंगिक और जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारत स्काउट और गाइड वर्षों से बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से स्काउट-गाइड दल गठित करने की बात कही और बताया कि इसे लेकर जल्द आदेश जारी किया जाएगा. साथ ही प्रत्येक शनिवार को नैतिक शिक्षा और प्रशिक्षण स्काउट-गाइड पद्धति से देने पर भी जोर दिया.
साइबर सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
डीईओ ने डिजिटल युग में साइबर अपराध से बचाव और पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण को भी जरूरी बताया. प्रशिक्षण शिविर में स्काउट नियम, प्रतिज्ञा, ध्वज, प्राथमिक चिकित्सा, टोली व्यवस्था और राष्ट्रगान सहित कई विषयों की जानकारी दी गई.176 देशों तक पहुंचा स्काउट आंदोलन
जिला संगठन आयुक्त धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने शिविर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्काउट आंदोलन की शुरुआत संस्थापक लॉर्ड बैडेन पॉवेल ने वर्ष 1907 में 20 लड़कों के साथ की थी, जो आज 176 देशों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है.
