बांका के जयपुर में तेज आंधी में उड़े घरों के छप्पर, गिरे ट्रांसफाॅर्मर व सैकड़ों पेड़
Storm Havoc in Jaipur: कटोरिया प्रखंड के जयपुर थाना क्षेत्र में बुधवार की अहले सुबह करीब तीन बजे आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. आंधी के कारण कई घरों के छप्पर उड़ गए, बिजली पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि सैकड़ों पेड़ गिरने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं.
जयपुर (बांका) से लक्ष्मण कुमार मंटु की रिपोर्ट
Banka News : जयपुर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के अचानक तेज हवा और तूफान ने भारी तबाही मचाई. ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान कच्चे और खपरेल मकानों को हुआ. कई जगह पेड़ उखड़कर घरों और गोशालाओं पर गिर पड़े.
गोशाला पर गिरा पेड़, चार मवेशी घायल
दिग्घीबांध गांव निवासी शालिनी यादव के गोशाला पर विशाल पेड़ गिर गया. घटना के समय गृहस्वामी गोशाला में ही सोए हुए थे. हालांकि वे बाल-बाल बच गए, लेकिन चार मवेशी घायल हो गए. पेड़ गिरने से गोशाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
कई गांवों में उड़ गए घरों के छप्पर
आंधी का असर कई गांवों में देखने को मिला. बंगाली यादव के घर का खपड़ेल छप्पर उड़ गया, जबकि टोपालाल यादव के घर की छानी ध्वस्त हो गयी. मल्होरिचक गांव निवासी मांझन यादव के घर का छप्पर भी उजड़ गया.भुसियातरी गांव में बिरजू यादव के पोल्ट्री फार्म का छप्पर पूरी तरह उड़कर ध्वस्त हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ.
ट्रांसफाॅर्मर और बिजली पोल भी गिरे
तेज आंधी में दिग्घीबांध गांव में ट्रांसफाॅर्मर, बिजली पोल और तार जमीन पर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए. इसके बाद पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था चौपट हो गयी. कई गांवों में घंटों तक अंधेरा पसरा रहा.
सड़क पर गिरे पेड़ों से बाधित हुआ आवागमन
जमदाहा-जयपुर मार्ग पर कई पेड़ गिरने से कुछ देर के लिए आवागमन बाधित हो गया. स्थानीय लोग और प्रशासन सड़क से पेड़ हटाने में जुटे रहे. कधार हाट के समीप पैक्स भवन का छप्पर भी उड़ गया, जबकि वहां लगा विशाल बरगद का पेड़ धराशायी हो गया.
आम की फसल को भी भारी नुकसान
तेज आंधी और बारिश से आम की फसल को भी भारी क्षति पहुंची है. पेड़ों से बड़ी संख्या में कच्चे आम गिर गए, जिससे किसानों और बागवानों को नुकसान हुआ है.
पीड़ितों ने मांगी राहत और मुआवजा
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत सामग्री और समुचित मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों के सामने रहने और खाने की समस्या उत्पन्न हो गयी है, इसलिए जल्द सहायता उपलब्ध करायी जाए.