धोरैया. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बटसार पंचायत के नंदगोला पोखर से झारखंड सीमा स्थित गेरूआ नदी तक सड़क निर्माण के महज छह महीने के भीतर ही बदहाल हो गयी है. आलम यह है कि सड़क अब गड्ढों और कीचड़ में तब्दील होने लगी है, इससे अंतरराज्यीय आवागमन प्रभावित हो रहा है. वर्ष 2025 में छठ पूजा के समय श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए इस सड़क का निर्माण कराया गया था. तत्कालीन विधायक भूदेव चौधरी ने इसका उद्घाटन किया था. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अब झारखंड सीमा तक का सफर आसान होगा, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री ने कुछ ही महीनों में अरमानों पर पानी फेर दिया. जानकारी के मुताबिक, करीब 900 फीट लंबी इस सड़क का निर्माण दो अलग-अलग मदों से कराया गया था. यहां 600 फीट जिला परिषद सदस्य रफीक आलम के कोटे व शेष हिस्सा विधायक निधि के माध्यम से बना था. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विधायक फंड से बनी सड़क में सबसे पहले गड्ढे उभरे हैं. सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है और गिट्टियां बिखर गयी हैं. समाजिक कार्यकर्ता विकास मंडल ने सड़क की जर्जर स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तत्कालीन विधायक फंड से निर्मित सड़क पर गढ्ढे बन गये हैं, निर्माण में भारी लापरवाही हुई है. यह बिहार और झारखंड को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन दर्जनों वाहन गुजरते हैं.
विधायक कोटे से बनी सड़क छह माह में ही हुई जर्जर
प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बटसार पंचायत के नंदगोला पोखर से झारखंड सीमा स्थित गेरूआ नदी तक सड़क निर्माण के महज छह महीने के भीतर ही बदहाल हो गयी है
