आम बगीचा के समीप फेंका जा रहा नगर का कचरा, हवा में उड़ती गंदगी से लोग हो रहे परेशान
संजीव पाठक, बौंसीनगर पंचायत बौंसी में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. नगर पंचायत चुनाव हुए तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक स्थायी कचरा डंपिंग जोन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है. इस प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. हैरानी की बात यह है कि पिछले तीन वर्षों में आधा दर्जन से अधिक कार्यपालक पदाधिकारियों का तबादला हो चुका है. अधिकारियों के बार-बार बदलने से विकास योजनाओं की निरंतरता प्रभावित हुई है. हालांकि, कई वार्डों में छोटे-बड़े निर्माण कार्य कराए गए हैं, लेकिन शहर की सबसे गंभीर समस्या कचरा निष्पादन आज भी जस की तस बनी हुई है.
वर्तमान में नगर परिषद क्षेत्र से निकलने वाला सारा कचरा प्रखंड मुख्यालय के समीप एक निजी आम के बगीचे के पास बने गड्ढे में डंप किया जा रहा है. स्थानीय सहमति से शुरू हुआ यह सिलसिला अब मुसीबत बन गया है. वहां कचरे का विशाल ढेर लग चुका है. तेज हवा या आंधी चलने पर प्लास्टिक और गंदगी उड़कर आसपास के घरों में पहुंच रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. साथ ही, बारिश के दौरान यह अपशिष्ट बहकर खेतों में जा रहा है, जिससे मिट्टी की उर्वरता और फसलों को नुकसान होने की आशंका है.कुड़रो पंचायत के पास पिछले कई महीनों से डंपिंग जोन का निर्माण कार्य चल रहा है, जो अब तक अधूरा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती, तो कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान और रीसाइक्लिंग संभव होती. इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहता, बल्कि नगर पंचायत को राजस्व की प्राप्ति भी होती.
कहती हैं नगर अध्यक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर अध्यक्ष कोमल भारती ने बताया कि कूड़ा डंपिंग जोन की घेराबंदी (बाउंड्री) का काम पूरा कर लिया गया है. इसे बहुत जल्द विधिवत रूप से आरंभ कर दिया जायेगा. इसके बाद नगर की पूरी गंदगी यहीं गिराई जाएगी, जिससे आम लोगों को परेशानी से निजात मिलेगी.
