पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशन, ऑटो भाड़े से लेकर खेती तक पर असर
Banka News : पंजवारा में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है. ईंधन महंगा होते ही ऑटो भाड़ा बढ़ने लगा है, जबकि खेती के मौसम में किसानों की चिंता भी गहरा गई है.
पंजवारा (बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट
पंजवारा और आसपास के इलाकों में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम का असर अब साफ दिखने लगा है. लगातार चौथी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी होने से आम लोग परेशान हैं. पिछले चार बार में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 8.50 रुपये तक बढ़ चुके हैं. वर्तमान में बांका जिले में पेट्रोल 114.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल 100.66 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
लगातार बढ़ रहे दाम से लोगों की बढ़ी चिंता
सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी का असर मंगलवार को बाजारों और सड़कों पर दिखाई दिया. वाहन चालकों से लेकर छोटे व्यापारियों तक सभी बढ़ती कीमतों से परेशान नजर आए. लोगों का कहना है कि लगातार महंगा हो रहा ईंधन अब घर के बजट को बिगाड़ने लगा है.
ऑटो चालकों ने बढ़ाया भाड़ा
डीजल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है. पंजवारा बाजार के ऑटो चालकों का कहना है कि महंगे डीजल के बीच वाहन चलाना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में कई रूटों पर ऑटो भाड़ा बढ़ाना मजबूरी बन गया है.यात्रियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए अब रोजाना सफर करना भी महंगा पड़ने लगा है.
छोटे व्यापारियों और बाइक चालकों पर भी असर
स्थानीय बाइक चालकों और छोटे दुकानदारों ने बताया कि लगातार बढ़ती कीमतों से उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ रही है. रोजाना आने-जाने और सामान ढुलाई की लागत बढ़ने से आमदनी पर असर पड़ रहा है.
पेट्रोल पंप संचालकों ने भी जताई चिंता
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन पंप संचालकों का कमीशन नहीं बढ़ाया गया है. इससे उन्हें भी आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है.
किसानों की बढ़ी परेशानी
खेती और पटवन के मौसम को देखते हुए किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई के लिए डीजल चालित पंपसेट का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ेगा.
रोजमर्रा की चीजें भी हो सकती हैं महंगी
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं. लोगों ने सरकार से ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की है.