Revenue Employees Protest : बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्य सरकार द्वारा लंबित मांगों का समाधान नहीं किए जाने के विरोध में राजस्व कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य कर रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल समाप्त हुए दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है.
समझौते के बाद भी नहीं पूरी हुईं मांगें
संघ के संघर्ष मोर्चा ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. पत्र में कहा गया है कि 11 फरवरी से 10 मई तक राज्यव्यापी आंदोलन और हड़ताल के बाद 7 मई को हुई वार्ता में विभागीय मामलों का एक सप्ताह और अन्य विभागों से जुड़े मामलों का एक माह के भीतर समाधान करने पर सहमति बनी थी. इसके बावजूद 11 मई से नियमित कार्यभार संभालने के बाद भी कर्मचारियों की एक भी प्रमुख मांग पूरी नहीं की गई.
इन प्रमुख मांगों को लेकर जारी है आंदोलन
राजस्व कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित सेवा संपुष्टि, एसीपी और एमएसीपी का लाभ, उपार्जित अवकाश के भुगतान, लंबित स्थानांतरण, ग्रेड पे का वित्तीय लाभ, राजस्व कर्मचारी का पदनाम बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी करना, कार्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना, रिक्त पदों पर नियुक्ति, लंबित प्रोन्नति और प्रोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है.
14 जुलाई को जिला मुख्यालय में होगा धरना
राजस्व कर्मचारी प्रेम कुमार, मौसम कुमार, राहुल कुमार, मुकेश पासवान और सिद्धनाथ कुमार ने बताया कि मांगों के समर्थन में 14 जुलाई को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा. इस दौरान सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा.
15 से 17 जुलाई तक असहयोग आंदोलन
कर्मचारियों ने बताया कि 15 से 17 जुलाई तक असहयोग आंदोलन चलाया जाएगा. इस अवधि में केवल ऑनलाइन और विभाग द्वारा उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ही कार्यों का निष्पादन किया जाएगा. उनका कहना है कि संसाधनों के अभाव में अतिरिक्त कार्य नहीं किया जाएगा.
18 जुलाई से पटना में अनिश्चितकालीन धरना
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 18 जुलाई से पटना में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. कर्मचारियों ने सरकार से जल्द वार्ता कर लंबित मांगों का समाधान करने की अपील की है.
