शंभुगंज. प्रखंड क्षेत्र में कृषि केंद्र दुकानदारों द्वारा यूरिया की कथित कालाबाजारी और किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूलने की लगातार शिकायतों के बाद शनिवार को प्रशासन हरकत में आ गयी है. इसी बीच बीडीओ नीतीश कुमार व बीएओ संकेत तिवारी ने पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से कई कृषि केंद्रों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कृषि केंद्र दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया. इस दौरान मां भगवती कृषि केंद्र शंभुगंज, जय गुरु कृषि केंद्र मिर्जापुर सहित अन्य दुकानों की गहन जांच की गयी. दोनों अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया और पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरकों की बिक्री का रिकॉर्ड भी खंगाला. टीम ने यह सुनिश्चित किया कि यूरिया और अन्य उर्वरकों की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही हो रही है या नहीं. जांच के दौरान किसी भी दुकान से अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई. जिससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली. बीडीओ नीतीश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कई कृषि केंद्रों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं कि वे किसानों को यूरिया ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं और कभी-कभी कृत्रिम कमी दिखाकर कालाबाजारी कर रहे हैं. इन्हीं शिकायतों के आलोक में वरीय अधिकारियों के निर्देश पर यह छापेमारी अभियान चलाया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी केंद्र में गड़बड़ी नहीं पाई गयी है, लेकिन प्रशासन की नजर लगातार बनी रहेगी. कृषि पदाधिकारी संकेत तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहे कि यदि भविष्य में किसी भी कृषि केंद्र से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या उर्वरकों की कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो जांच के बाद दोषी संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें. इस संयुक्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कृषि केंद्र संचालकों में भय और सतर्कता का माहौल हैं. वहीं किसानों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे उन्हें उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध होगा और खेती की तैयारी में किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी.
अधिकारी ने खाद दुकान का किया औचक निरीक्षण, अधिक दाम लेने पर किसान तुरंत करे शिकायत
प्रखंड क्षेत्र में कृषि केंद्र दुकानदारों द्वारा यूरिया की कथित कालाबाजारी और किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक दाम वसूलने की लगातार शिकायतों के बाद शनिवार को प्रशासन हरकत में आ गयी है.
