रघुनाथपुर में प्रस्तावित परमाणु विद्युत संयंत्र निर्माण का विरोध तेज

प्रखंड क्षेत्र की रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु संरचना निर्माण का ग्रामीणों द्वारा लगातार विरोध और प्रदर्शन किया जा रहा है.

ग्रामीण बोले- किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे जमीन

बेलहर. प्रखंड क्षेत्र की रघुनाथपुर पंचायत में प्रस्तावित परमाणु संरचना निर्माण का ग्रामीणों द्वारा लगातार विरोध और प्रदर्शन किया जा रहा है. इसे लेकर प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण गांव के बाहर कटहराटांड़ के समीप एकत्र होकर धरना दे रहे हैं. ग्रामीणों के विरोध और उनकी समस्याओं की सूचना मिलने पर राजद के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता चाणक्य प्रकाश मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि गलत तरीके से प्लांट बनाने का प्रयास किया जाएगा तो वे जनता के साथ खड़े रहेंगे और किसी भी परिस्थिति में जनता के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि यदि सरकार पावर प्लांट स्थापित करना चाहती है तो पहले जनता से बातचीत कर सहमति बनानी चाहिए. जनता की बात सुने बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए. बिना लोगों को विश्वास में लिए पुलिस के माध्यम से डराने-धमकाने का प्रयास उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि गैर-मजरुआ सरकारी जमीन पर आदिवासियों का भी अधिकार है. आदिवासियों को उजाड़कर विकास नहीं किया जा सकता और न ही उन्हें जेल भेजना न्यायसंगत है. उन्होंने कहा कि वे आदिवासी ग्रामीणों और जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं तथा सरकार को लोगों की शिकायतें सुनकर उनके अनुरूप कदम उठाना चाहिए.

जानकारी के अनुसार, तीन-चार दिन पूर्व एनटीपीसी के इंजीनियर प्रस्तावित क्षेत्र की मिट्टी जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उनका विरोध करते हुए उन्हें गांव से वापस लौटा दिया. इसके बाद एसडीओ, एसडीपीओ, चार थानों की पुलिस, अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी और सर्वे अमीन भी गांव पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और सभी अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा. इसके बाद ग्रामीणों ने ”आदिवासी मजदूर किसान वाहिनी” के बैनर तले बैठक की. बैठक में पंचायत के कटहरा, सवाईजोर, दुबराज, कैथाटीकर, मलटरिया, केंदुआ-झरना, हरिकुरा, नीमटाड़, सलैया, ललमटिया, तेतरकोला, बेला और लेदमा सहित अन्य गांवों के आदिवासी तथा अन्य समुदायों के सैकड़ों महिला-पुरुष, बुजुर्ग, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल हुए. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें उद्योग नहीं चाहिए, बल्कि अपनी जमीन, घर, जंगल और पहाड़ के साथ अपने हाल पर रहने दिया जाए. बैठक के बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियारों के साथ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया. बताया जाता है कि रघुनाथपुर पंचायत के रघुनाथपुर मौजा स्थित लेटवा, कटहरा, दुबराज, केंदुआ-झरना, मलटरिया और नीमटाड़ क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र के लिए करीब 1,400 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है. इसमें वन विभाग की लगभग 800 एकड़, गैर-मजरुआ बिहार सरकार की करीब 300 एकड़ तथा लगभग 300 एकड़ रैयती भूमि शामिल है.

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Author: Abhay Kumar

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