बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट.
Petrol Diesel Price Hike: जिले में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है. पिछले एक पखवाड़े में चार बार ईंधन के दाम बढ़ने के बाद खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी तेजी दर्ज की जा रही है. ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है. बाजार में दाल, तेल, चावल, सब्जी और मसालों के दाम बढ़ने लगे हैं.
तेल के दामबढ़ने से बिगड़ा बाजार का संतुलन
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से ट्रकों और छोटे वाहनों का भाड़ा बढ़ गया है. इसका असर सप्लाई चेन पर पड़ रहा है. बाहर से आने वाले सामान की लागत बढ़ने के कारण थोक और खुदरा बाजार में कीमतें ऊपर जा रही हैं. कारोबारियों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में महंगाई और तेज हो सकती है.
दलहन और तिलहन में तेजी, गेहूं-मक्का में उतार चढ़ाव
शहर की व्यवसायिक मंडी के अनुसार दलहन, तेलहन, सरसों और मसाला की कीमतों में तेजी बनी हुई है. वहीं गेहूं और मक्का के भाव में लगातार उतार चढ़ाव देखा जा रहा है. कारोबारियों का कहना है कि मंडी में आवक सामान्य रहने के बावजूद ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
स्थानीय मंडी में गेहूं 2600 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. मक्का का भाव 2100 से 2150 रुपये के बीच है. मंसुरी चावल 3250 से 3400 रुपये और अरवा मोटा चावल 3100 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. बासमती चावल का दाम 12500 से 13500 रुपये तक पहुंच गया है.
दालों में मसूर 5550 से 6750 रुपये, मूंग दाल 9540 से 9600 रुपये और अरहर दाल 11000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है. सरसों तेल के 15 लीटर टिन का दाम 2070 से 2470 रुपये तक पहुंच गया है. वहीं आलू 1200 से 1450 और प्याज 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है.
आम लोगों की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच लोगों की चिंता घरेलू बजट को लेकर बढ़ती जा रही है. आम उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में बाजार में और महंगाई देखने को मिल सकती है.
