Weather Update : बांका जिले में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने के बाद मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है. शनिवार सुबह से तेज धूप निकलने के कारण उमस भरी गर्मी का असर बढ़ गया है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से लोग बेहाल हैं. दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे के दौरान तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है. हालांकि शनिवार को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है. जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
बारिश की कमी से धान रोपनी पर पड़ा असर
मानसून आने के बावजूद जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेती प्रभावित होने लगी है. धान रोपनी की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है. जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था है, वे बोरिंग और पंपसेट के सहारे खेतों में रोपाई कर रहे हैं. लेकिन अधिकांश किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. कई खेतों में नमी खत्म होने लगी है और सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं. किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है.
1 से 5 अगस्त के बीच बदल सकता है मौसम
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 5 अगस्त तक बांका सहित दक्षिण बिहार के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ आंधी चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है. गया और नवादा के कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. शुक्रवार को जिले के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिससे कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. सुबह के समय आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत तथा दोपहर में 60 से 70 प्रतिशत तक रहने की संभावना है. दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को दी अहम सलाह
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि संभावित बारिश और तेज हवा को देखते हुए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें. गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचें और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतें. यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान रोपनी में तेजी आएगी और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. फिलहाल पूरे जिले की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और सभी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
