बौसी, (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट
Passenger Shed Danger: बौसी बाजार स्थित यात्री पड़ाव के समीप बना लगभग 20 वर्ष पुराना यात्री शेड इन दिनों अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है. यात्रियों को धूप और बारिश से राहत देने के उद्देश्य से बनाया गया यह शेड अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों और आम लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
मुख्य बातें
- यात्रियों की सुविधा के लिए बना था
- बारिश में बन जाता है जलजमाव का केंद्र
- नया प्रतीक्षालय बनाने की उठी मांग
यात्रियों की सुविधा के लिए बना था, अब परेशानी की वजह
करीब दो दशक पहले यात्रियों को बैठने और इंतजार करने की सुविधा देने के लिए इस शेड का निर्माण कराया गया था. समय के साथ इसकी मरम्मत नहीं होने के कारण अब इसकी स्थिति बेहद खराब हो गई है. छत और दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं और कई हिस्से कमजोर हो चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश या आंधी के दौरान इसके गिरने का खतरा बना रहता है.
बारिश में बन जाता है जलजमाव का केंद्र
मानसून के दिनों में इस शेड की स्थिति और भी बदतर हो जाती है. बारिश का गंदा पानी शेड के भीतर जमा हो जाता है, जिससे वहां बैठना तो दूर खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है. जलजमाव और गंदगी के कारण यात्रियों ने इसका उपयोग लगभग बंद कर दिया है. ऐसे में बसों का इंतजार कर रहे लोगों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है.
रोजाना हजारों यात्रियों का होता है आवागमन
बौसी का यह यात्री पड़ाव क्षेत्र का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र माना जाता है. यहां से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के लिए बस सेवाएं संचालित होती हैं. प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. जर्जर शेड यात्रियों की परेशानी और चिंता दोनों बढ़ा रहा है.
नया प्रतीक्षालय बनाने की उठी मांग
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता देवाशीष उर्फ निप्पू पांडे, व्यावसायिक कल्याण समिति के अध्यक्ष राजू सिंह, सचिव निप्पू झा, शिवकुमार साह और समाजसेवी मनीष अग्रवाल समेत कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने और जर्जर शेड को तत्काल हटाया जाए. उनकी मांग है कि उसकी जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस नया यात्री प्रतीक्षालय बनाया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिल सके.
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. लोगों का मानना है कि प्रशासन यदि समय रहते कदम नहीं उठाता है तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है. ऐसे में जनहित और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द निर्णय लेने की आवश्यकता है.
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