पंजवारा में लगा समर कैंप, लखपुरा विद्यालय के बच्चों को मिल रही नैतिक मूल्यों की सीख
Banka News : गर्मी की छुट्टियों को केवल मनोरंजन तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के व्यक्तित्व और संस्कार निर्माण की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है. लखपुरा मध्य विद्यालय में चल रहे समर कैंप में बच्चों को शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन की भी सीख दी जा रही है.
पंजवारा (बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट
Banka News : पंजवारा क्षेत्र के मध्य विद्यालय लखपुरा (बालक) में आयोजित समर कैंप 2026 में अध्ययनरत बच्चों को अंग संस्कारशाला की ओर से शैक्षणिक एवं संस्कार आधारित गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया जा रहा है. इस कार्य में स्वयंसेवक काजल कुमारी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. उनका उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है.
शिक्षा और संस्कार का अनूठा संगम
समर कैंप में बच्चों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ संस्कारपरक गतिविधियों में भी शामिल किया जा रहा है. अंग संस्कारशाला की पहल का उद्देश्य बच्चों के भीतर सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और अच्छे व्यवहार का विकास करना है. इससे बच्चों को शिक्षा के साथ जीवन मूल्यों की भी समझ मिल रही है.
14 बच्चे ले रहे हैं समर कैंप का लाभ
समर कैंप में शालू कुमारी, नीतीश कुमार, दुलारी कुमारी, सिमरन कुमारी, शिवानी कुमारी, किरण कुमारी, शिवम कुमार, मीनाक्षी कुमारी, ललिता कुमारी, कार्तिक कुमार, पंचाल कुमार दास और प्रिंस कुमार सहित कुल 14 बच्चे भाग ले रहे हैं. सभी बच्चे उत्साह के साथ विभिन्न शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं.
अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन से बढ़ रहा आत्मविश्वास
अंग संस्कारशाला द्वारा बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. साथ ही उन्हें विषयगत मार्गदर्शन और प्रेरणादायी गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इससे बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों बढ़ रहे हैं.
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
ग्रामीण विजय दास और अमरेन्द्र पंडित ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बेहद उपयोगी हैं. उनका मानना है कि इससे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी सीख मिल रही है, जो उनके भविष्य निर्माण में सहायक होगी.
समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
स्वतंत्र विचारक एवं लेखक जेबियर झा ने कहा कि शिक्षा और संस्कार का समन्वय ही समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है. उन्होंने अंग संस्कारशाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं.
अभिभावकों ने जताई खुशी
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी अंग संस्कारशाला तथा स्वयंसेवक काजल कुमारी के कार्यों की सराहना की. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां लगातार संचालित होती रहेंगी, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके और उनका शैक्षणिक एवं नैतिक विकास सुनिश्चित हो सके.