विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश के स्वागत को लेकर पंजवारा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से उत्साह और उल्लास का माहौल है. आगामी 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर विधि-विधान के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना की जाएगी. इस बार गणेशोत्सव इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले 14 सितंबर को तीज और चौठ चंद्र का पर्व मनाया जाएगा.
एक साथ तीन पर्वों से बढ़ी रौनक
लगातार तीन धार्मिक पर्वों के आने से पंजवारा क्षेत्र में उत्सवी और आध्यात्मिक माहौल बन गया है. 14 सितंबर को महिलाएं तीज का निर्जला व्रत रखेंगी, जबकि चौठ चंद्र पर चंद्रमा की पूजा होगी. इसके अगले दिन 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ गणपति उत्सव की शुरुआत होगी. लगातार पर्वों के कारण बाजारों में भी रौनक बढ़ गयी है और लोग पूजा सामग्री की खरीदारी में जुट गए हैं.
भव्य पंडाल और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार
समय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक गणेश पूजा का दायरा लगातार बढ़ा है. पहले जहां कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही पूजा होती थी, वहीं अब गांवों और शहर की गलियों तक गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं. इस वर्ष भी विभिन्न पूजा समितियों की ओर से भव्य पंडाल बनाने और आकर्षक सजावट का काम तेजी से चल रहा है.
बीच-बीच में हो रही बारिश से तैयारियों में थोड़ी परेशानी जरूर आ रही है, लेकिन पूजा समितियों के सदस्यों का उत्साह कम नहीं हुआ है. सदस्य पंडाल और सजावट को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.
बिधनाचक और मां सती काली मंदिर रहेंगे आकर्षण
पंजवारा के बिधनाचक मोहल्ले और मां सती काली मंदिर परिसर में इस बार विशाल और कलात्मक गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. दोनों स्थानों पर बनने वाले पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है.
सबलपुर और लखपुरा में भी तैयारी तेज
सबलपुर और लखपुरा क्षेत्र में भी स्थानीय पूजा समितियों की देखरेख में भव्य पंडाल आकार लेने लगे हैं. पंडालों के आसपास और आने-जाने वाले रास्तों को रंग-बिरंगी बिजली की रोशनी से सजाने की तैयारी की जा रही है. शाम होते ही इन इलाकों में उत्सव का अलग ही रंग देखने को मिलेगा.
बाजारों में भी दिखने लगी पर्व की रौनक
गणेश चतुर्थी के साथ तीज और चौठ चंद्र पर्व लगातार आने से पूजा सामग्री की दुकानों पर भी भीड़ बढ़ने लगी है. लोग गणेश प्रतिमा, पूजन सामग्री और सजावट का सामान खरीद रहे हैं. इससे स्थानीय बाजारों में भी त्योहारी रौनक दिखाई देने लगी है.
