अमरपुर (बांका) से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट :
रविवार सुबह इंग्लिशमोड़-शंभूगंज मुख्य पथ स्थित शाहपुर चौक के समीप जब ग्रामीण और राहगीर नहर की ओर गए, तो वहां बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाओं के कार्टून और शीशियां बिखरी पड़ी मिलीं.देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. ग्रामीणों के अनुसार अलग-अलग कंपनियों की दवाएं वहां फेंकी गई थीं. कई दवाएं एक्सपायरी हो चुकी थीं, जबकि कुछ शीशियों में जहरीले रसायन होने की आशंका जताई जा रही है.मेडिकल स्टोरों के पास नहीं दवा निस्तारण की व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अधिकतर मेडिकल दुकानदारों के पास एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में कई दुकानदार चोरी-छिपे दवाओं को सुनसान जगहों, नहर किनारे या खाली जमीन पर फेंककर छुटकारा पा लेते हैं.ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.
नहर का पानी खेतों और पशुओं के लिए होता है इस्तेमाल
ग्रामीणों ने चिंता जताई कि नहर का पानी आसपास के खेतों की सिंचाई और पशुओं के पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में अगर जहरीले रसायन पानी में घुल गए तो इसका असर किसानों, पशुओं और आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है.लोगों का कहना है कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. लोगों ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में इससे बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.
