बांका : कटोरिया प्रखंड के पंचायत समिति सदस्यों ने 16वें वित्त आयोग की योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में कथित मनमानी व अनियमितता का आरोप लगाया है. सदस्यों ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को लिखित आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख और बीडीओ पर उनकी अनुशंसाओं की अनदेखी कर योजनाओं का मनमाने तरीके से चयन करने का आरोप लगाया है.
योजनाओं के चयन में पक्षपात का आरोप
आवेदन में कहा गया है कि पंचायत समिति क्षेत्र में जनहित की योजनाओं का चयन 16वें वित्त आयोग के तहत किया जाना था. आरोप है कि प्रखंड प्रमुख, कार्यपालक पदाधिकारी और संबंधित कर्मियों की मिलीभगत से योजनाओं के चयन में अनियमितता की गई. पंचायत समिति सदस्यों का दावा है कि उनकी अनुशंसा से प्रस्तावित योजनाओं को दरकिनार कर अपने स्तर से योजनाओं का चयन किया गया.
42 योजनाओं के चयन पर उठाये सवाल
सदस्यों के अनुसार, उनकी उपेक्षा करते हुए 16वें वित्त आयोग के तहत 42 योजनाओं का चयन किया गया. इनमें पंचायत समिति सदस्यों की ओर से प्रस्तावित योजनाओं को शामिल नहीं किया गया. सदस्यों ने इसे अपने संवैधानिक अधिकारों और सहमति की प्रक्रिया का उल्लंघन बताया है. साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना समेत अन्य विकास योजनाओं में भी कथित अनियमितता का आरोप लगाया गया है.
मंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग
पंचायत समिति सदस्यों ने मंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से मनमाने तरीके से चयनित योजनाओं पर रोक लगाने और सदस्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को नियमानुसार शामिल करने की मांग की है. इसके अलावा पेंशन और आवास योजनाओं में कथित अनियमितता के दोषी पदाधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है.
नौ सदस्यों ने किया आवेदन पर हस्ताक्षर
पटना स्थित आवास पर मंत्री को सौंपे गए आवेदन पर पंचायत समिति के नौ सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं. इनमें सुरेंद्र प्रसाद यादव, वीरेंद्र कुमार पंजियारा, रीता कुमारी, खुशबू कुमारी, अरुण यादव, बबलू कुमार, गोपीचंद यादव और अष्टमा देवी समेत अन्य शामिल हैं.
