रोड नहीं तो वोट नहीं,कीचड़ और जलजमाव से परेशान शोभानपुर के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान

Panchayat Election : वर्षों से कच्ची सड़क और नाला निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा. कहा- अब सड़क बनेगी तभी वोट देंगे.

अमरपुर बांका से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट

Panchayat Election : बांका जिले के अमरपुर प्रखंड स्थित शोभानपुर गांव में बदहाल सड़क और जलजमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है. वर्षों से कीचड़युक्त सड़क और नाला निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर आगामी पंचायत चुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है. ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही सड़क और नाला निर्माण नहीं कराया गया तो वे “रोड नहीं तो वोट नहीं” के संकल्प पर अडिग रहेंगे.

वर्षों से कीचड़ और बदबूदार पानी के बीच गुजर रही जिंदगी

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव के बाद भी गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है. शोभानपुर गांव की मुख्य सड़क आज भी कच्ची है और पक्के नाले के अभाव में घरों का गंदा एवं बदबूदार पानी सड़क पर ही बहता रहता है. इससे पूरे रास्ते में जलजमाव बना रहता है और लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

बरसात में और भयावह हो जाती है स्थिति

ग्रामीणों के अनुसार बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं. सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है. जलजमाव के कारण गांव में हैजा, डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बना रहता है.

कई बार की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

Panchayat Election : ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया. पक्की सड़क और नाला निर्माण की मांग भी लगातार उठाई गई, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई. इससे लोगों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है.

‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का दिया संदेश

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही सड़क और नाला निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया तो पूरे गांव के लोग एकजुट होकर आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे. उनका कहना है कि जब तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक मतदान में भाग लेने का कोई औचित्य नहीं है. ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर गांव की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है.

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By Pintu Pranav

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