बांका में मानसून पड़ा सुस्त, तेज धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी, 16 अगस्त तक बादल-बारिश के आसार

बांका जिले में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं. मौसम विभाग के अनुसार 12 से 16 अगस्त के बीच जिले में मौसम बदल सकता है, जिसमें एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है. जानें खेती-किसानी पर क्या पड़ेगा असर.

बांका जिले में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गयी है. सुबह से ही तेज धूप निकलने और वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं. हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन अपेक्षित बारिश नहीं होने से मौसम का मिजाज गर्म और चिपचिपा बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार 12 से 16 अगस्त के बीच जिले में मौसम बदला हुआ रह सकता है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने के साथ एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है.

धूप-छांव के बीच बारिश के आसार

बुधवार को जिले में आसमान में काले बादल छाए रह सकते हैं. हालांकि बीच-बीच में धूप निकलने और फिर बादल छाने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. जिले के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. गरज-चमक के साथ 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का भी अनुमान है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

सुबह से ही उमस बढ़ा रही परेशानी

अगले पांच दिनों में सुबह के समय उमस अधिक रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार सुबह सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तक रह सकती है. वहीं दोपहर में आर्द्रता का स्तर 60 से 65 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना है. वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण तापमान सामान्य रहने के बावजूद लोगों को गर्मी अधिक महसूस हो सकती है. खासकर दोपहर के समय धूप निकलने पर उमस और बढ़ने की संभावना है.

पुरबा हवा से बदल सकता है मौसम का मिजाज

मौसम के दौरान करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरबा हवा चल सकती है. बंगाल की खाड़ी की ओर से आने वाली नम हवाओं के कारण जिले के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है. हालांकि बारिश पूरे जिले में एक समान होने की संभावना नहीं है. कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर केवल बादल और धूप-छांव का मौसम बना रह सकता है.

खेती-किसानी पर भी पड़ेगा असर

मौसम में संभावित बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है. बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में दवा का छिड़काव और अन्य जरूरी कृषि कार्य मौसम की स्थिति देखकर करने की सलाह दी गयी है. बारिश से पहले दवा का छिड़काव करने पर उसका प्रभाव कम हो सकता है. ऐसे में किसान मौसम साफ रहने की अवधि में कृषि कार्य पूरा कर सकते हैं. आने वाले दिनों में बारिश होने से धान सहित खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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