गंगा दशहरा पर जल संरक्षण का संदेश, बोले वक्ता- जल बचाना ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित करना
Banka News : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर अमरपुर में धर्म और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संगम देखने को मिला. बाबा पनियानाथ महादेव मंदिर परिसर से लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया और कहा गया कि “जल बचाना ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित करना है.”
अमरपुर (बांका) से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट
बाबा पनियानाथ महादेव मंदिर परिसर में गंगा दशहरा के अवसर पर एकल अभियान के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में समाजसेवियों, शिक्षकों और एकल विद्यालय के आचार्यों ने लोगों को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर जागरूक किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और एकल अभियान से जुड़े सदस्य मौजूद रहे.
जल संरक्षण को बताया समय की सबसे बड़ी जरूरत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिपिन कुमार ठाकुर ने कहा कि गंगा दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर भी है.उन्होंने कहा कि यदि आज जल संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है. लोगों को जल की बर्बादी रोकने और गांव-शहर के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक पहल करनी होगी.
युवाओं से पर्यावरण अभियान से जुड़ने की अपील
बिपिन कुमार ठाकुर ने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने के लिए जल और पर्यावरण की रक्षा बेहद जरूरी है.उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.
“जल ही जीवन है”
कार्यक्रम में मौजूद नंदकिशोर शर्मा ने कहा कि जल ही जीवन है और इसका संरक्षण करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार ही जल उपयोग करने और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की.
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में संघ समिति के विपिन शर्मा, संस्कार शिक्षा समिति के राजीव कुमार, आचार्य सोनू कुमार पटेल, रागिनी कुमारी, रजनी देवी समेत बड़ी संख्या में एकल अभियान के सदस्य और आचार्य उपस्थित रहे.अमरपुर नगर पंचायत महिला समिति की रिंकू देवी, पुनम देवी, सुलेखा देवी, रीना देवी, पार्वती देवी, सरोजनी देवी, जूली देवी और बेबी देवी सहित कई महिलाओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया.
धर्म और पर्यावरण संरक्षण का दिखा संगम
पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और सामाजिक जागरूकता का माहौल बना रहा. वक्ताओं ने कहा कि गंगा दशहरा जैसे पर्व लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख भी देते हैं.