बौंसी (बांका). मंदार हिल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर हाल ही में मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाकर तैयार किए गए नाले की दीवार पहली ही बारिश में धराशायी हो गयी. करीब 100 मीटर तक ईंटों से बनी नाले की दीवार पलट जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिस नाले का उद्देश्य लंबे समय तक वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करना था, वह पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सका. घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है. उनका कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी या गुणवत्ता से समझौता किया गया है.
लोगों ने रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
लोगों ने रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. वहीं, इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह नया नाला नहीं था, बल्कि पुराने नाले की मरम्मत कर उसकी ऊंचाई बढ़ाई गई थी. अधिकारियों के अनुसार, रेलवे प्रशासन को उम्मीद थी कि मरम्मत के बाद नाला बेहतर तरीके से काम करेगा, लेकिन पुरानी दीवार कमजोर होने के कारण वह बारिश का दबाव नहीं झेल सकी और ढह गयी.
रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया
रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अब मौके पर नए सिरे से मजबूत नाले का निर्माण कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने. फिलहाल इस घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा. जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि यह तकनीकी खामी थी, निर्माण में लापरवाही थी या फिर किसी अन्य कारण से यह हादसा हुआ.
