पंजवारा (बांका) : लगातार बारिश, उमस और खराब मौसम के बीच मवेशियों में संक्रामक लंपी रोग का खतरा बढ़ गया है. मौसम में नमी और जगह-जगह जलजमाव के कारण मक्खी, मच्छर और पिस्सू जैसे वाहक की संख्या बढ़ने से पशुओं में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है. इसे देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को सतर्क रहने और मवेशियों में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी है.
मौसम बदलते ही बढ़ा संक्रमण का खतरा
जिला पशुपालन पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि बारिश और उमस के दौरान मच्छर-मक्खी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लंपी रोग का वायरस मुख्य रूप से मच्छरों, मक्खियों और पिस्सुओं के माध्यम से एक पशु से दूसरे पशु तक पहुंचता है. ऐसे में पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. संक्रमित पशु की समय पर पहचान कर उसे स्वस्थ मवेशियों से अलग रखने और उचित उपचार कराने से संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
पशुपालन विभाग के अनुसार मवेशियों में अचानक तेज बुखार आना, शरीर और त्वचा पर गोल एवं कठोर गांठें निकलना, आंख और नाक से पानी या स्राव आना, मुंह से अधिक लार निकलना और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसके अलावा दूध उत्पादन में अचानक कमी, भूख कम लगना और पैरों में सूजन के कारण चलने में परेशानी भी बीमारी के संकेत हो सकते हैं.
संक्रमित पशु को तुरंत करें अलग
पशुपालकों को सलाह दी गयी है कि किसी पशु में लंपी रोग के लक्षण दिखाई देने पर उसे तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें. पशुओं के रहने वाले स्थान की नियमित साफ-सफाई करें और जलजमाव नहीं होने दें. मक्खी और मच्छरों की रोकथाम के लिए सुरक्षित उपाय अपनाने की भी सलाह दी गयी है.
बिना चिकित्सकीय सलाह के न दें दवा
पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से बिना पशु चिकित्सक की सलाह के कोई दवा या एंटीबायोटिक नहीं देने की अपील की है. संक्रमित पशु को पौष्टिक आहार और पर्याप्त साफ पानी देने के साथ चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक उपचार कराने को कहा गया है.
स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण जरूरी
विभाग ने क्षेत्र में चल रहे टीकाकरण अभियान का लाभ उठाने की सलाह दी है. स्वस्थ पशुओं को पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार निर्धारित टीका लगवाने से बीमारी के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है. पशुपालकों से अपील की गयी है कि किसी मवेशी में लंपी रोग जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को इसकी सूचना दें.
