बौसी : बासुकीनाथ धाम में अपने साथियों से बिछड़े 70 वर्षीय कांवरिया महादेव सरदार आखिरकार तीन दिन बाद अपने परिजनों से मिल गए. बौसी पुलिस, अस्पतालकर्मियों और प्रभात खबर की पहल से बुजुर्ग को उनके परिवार तक पहुंचाया जा सका. रविवार देर रात परिजन बौसी रेफरल अस्पताल पहुंचे और महादेव सरदार को अपने साथ घर ले गए.
सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के डफरखा गांव निवासी महादेव सरदार करीब आठ दिन पहले 70 कांवरियों के दल के साथ सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर पहुंचे थे. देवघर से बासुकीनाथ जाने के दौरान वह अपने साथियों से बिछड़ गए. भटकते हुए वह बौसी-हंसडीहा मुख्य मार्ग तक पहुंच गए. स्थानीय लोगों की सूचना पर बौसी पुलिस ने उन्हें रेफरल अस्पताल पहुंचाया.
अस्पताल पहुंचने पर उनकी हालत ठीक नहीं थी और वह अपना नाम-पता बताने में असमर्थ थे. अस्पताल प्रबंधन ने उनकी देखभाल की. वहीं बौसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा और स्थानीय प्रभात खबर संवाददाता ने बातचीत कर उनकी पहचान जानने का प्रयास जारी रखा. बाद में उन्होंने अपना नाम और पता बताया.
इसके बाद पुलिस ने त्रिवेणीगंज पुलिस से संपर्क किया और प्रभात खबर के बौसी व सुपौल प्रतिनिधियों के सहयोग से परिजनों तक सूचना पहुंचायी. खबर मिलते ही उनके पुत्र राकेश सरदार, विकास सरदार, पुत्री रंजू देवी समेत अन्य परिजन देर रात अस्पताल पहुंचे और महादेव सरदार को अपने साथ ले गए.
परिजनों ने बौसी पुलिस, अस्पतालकर्मियों और प्रभात खबर के प्रति आभार जताया. इस पहल से तीन दिनों से अपनों से बिछड़े बुजुर्ग कांवरिया को आखिरकार उनका परिवार मिल गया.
