सुबह 5 बजे खुलते ही मंदिरों में लगी भक्तों की लंबी कतार
Banka News : बांका जिले के मंदिरों में आज सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. भयहरण स्थान, पंचमुखी हनुमान मंदिर और मंदार के मधुसूदन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया.
बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Banka News : बांका शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार सुबह पांच बजे मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई. दिनभर पूजा-अर्चना, भोग, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा. हनुमान मंदिरों से लेकर मंदार स्थित मधुसूदन मंदिर तक श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
सुबह से ही मंदिरों में उमड़ने लगी भीड़
शहर के भयहरण स्थान एवं बाबूटोला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया. मंदिर का पट सुबह पांच बजे ही खोल दिया गया. इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और रामभक्त हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना की. भक्तों ने परिवार की खुशहाली, आरोग्य और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए भगवान के चरणों में श्रद्धा अर्पित की.
जयकारों से गूंजा शहर, महाआरती में जुटे श्रद्धालु
शहर और ग्रामीण इलाकों के विभिन्न बजरंगबली मंदिरों में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. शाम होते ही मंदिरों में महाआरती का आयोजन हुआ. आरती के दौरान मंदिर परिसर जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
मधुसूदन मंदिर में हुआ भगवान का महास्नान
प्रसिद्ध मंदार स्थित मधुसूदन मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई. मंदिर के पुजारी ने बताया कि सुबह 7.30 बजे पंडित विंदेश्वरी झा उर्फ पटल झा एवं लक्ष्मण झा द्वारा भगवान की प्रतिमा का महास्नान कराया गया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का विशेष पूजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
भोग, शृंगार पूजा और भव्य आरती बना आकर्षण का केंद्र
दोपहर 12 बजे भगवान को विशेष भोग अर्पित किया गया. इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए दोपहर एक बजे पुनः मंदिर का पट खोला गया. शाम छह बजे भगवान की श्रृंगार पूजा की गई और भव्य आरती का आयोजन हुआ. आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही. देर शाम सात बजे मंदिर का पट बंद कर दिया गया.
श्रद्धा और विश्वास का बना महापर्व
जिले भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था. दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों ने न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास को भी और मजबूत किया. मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने इस पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को एक बार फिर जीवंत कर दिया.