शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के बेलारी गांव में रविवार को धान का बिचड़ा उखाड़ने के दौरान एक श्रमिक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी. मृतक की पहचान बेलारी गांव निवासी 45 वर्षीय कुलदीप मांझी के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि मांझी टोला में मातम पसर गया. कुलदीप अपने पीछे पत्नी और चार पुत्रों समेत पांच संतानों को छोड़ गये हैं.
खेत में काम करते-करते अचानक गिर पड़े
परिजनों के अनुसार कुलदीप मांझी रविवार को भूखे-प्यासे किसान के खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ने के लिए बहियार गये थे. खेत में अन्य मजदूरों और किसानों के साथ वह काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी और वह मूर्छित होकर खेत में गिर पड़े.
घटना के बाद बहियार में मौजूद किसानों ने तत्काल उनके परिजनों को इसकी सूचना दी. जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और कुलदीप को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंभुगंज ले जाने लगे. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गयी.
कई माह से उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से थे पीड़ित
बताया जा रहा है कि कुलदीप मांझी पिछले कई महीनों से उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित थे. आशंका जतायी जा रही है कि खेत में अचानक हृदय गति रुकने के कारण उनकी मौत हुई होगी. हालांकि मौत के वास्तविक कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
घटना के बाद गांव में उनकी मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं. ग्रामीणों के अनुसार कुलदीप मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे.
पांच संतानों के सिर से उठा पिता का साया
कुलदीप मांझी की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह अपने पीछे पत्नी रुबी देवी, चार पुत्र और एक पुत्री समेत पांच संतानों को छोड़ गये हैं. पति की मौत के बाद रुबी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
परिजनों के अनुसार अब परिवार के सामने बच्चों की परवरिश और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. पत्नी रुबी देवी का कहना है कि पति के चले जाने के बाद पांचों बच्चों का जीवन कैसे चलेगा, इसकी चिंता सता रही है.
ग्रामीणों ने सरकारी सहायता की मांग की
घटना के बाद ग्रामीण कमल कुमार, बबुआ कुमार समेत अन्य लोगों ने प्रशासन और सरकार से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि कुलदीप परिवार के लिए आय का महत्वपूर्ण सहारा थे. उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है. ऐसे में सरकारी स्तर पर सहायता मिलने से परिवार को कुछ राहत मिल सकती है.
