कुशमाहा में गूंजा ‘नंद के आनंद भयो..., भागवत कथा में धूमधाम से मना कृष्ण जन्मोत्सव

Banka News : ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जय श्रीकृष्ण के नारों से कुशमाहा गांव पूरी तरह भक्तिमय हो उठा. श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया.

धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट : बांका जिले के धोरैया प्रखंड अंतर्गत अहीरो पंचायत के कुशमाहा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया. कथा स्थल पर देर रात तक भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का माहौल बना रहा.

कृष्ण जन्म की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

कथा वाचक बाल व्यास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और आस्था का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं.

रावण के अत्याचार से मुक्ति दिलाने हुआ प्रभु राम का अवतार

बाल व्यास जी महाराज ने राम जन्म और कृष्ण जन्म के प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि रावण के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान राम ने अवतार लिया, जबकि कंस के अत्याचार को समाप्त करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया.

भक्ति में डूबकर झूमते रहे श्रद्धालु

कथा के दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “जय कन्हैया लाल की” के नारों से गूंज उठा. श्रद्धालु भक्ति में डूबकर झूमते नजर आए.

कंस की कारागार से नंदगांव तक की कथा ने बांधा समां

बाल व्यास जी महाराज ने बताया कि भादो मास की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कंस की कारागार में हुआ था. वासुदेव ने बालक कृष्ण को यमुना पार कर नंदबाबा के घर पहुंचाया, जहां उनका लालन-पालन हुआ.

कंस का वध कर कृष्ण ने माता-पिता को कराया मुक्त

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने आगे चलकर अत्याचारी कंस का वध किया और अपने माता-पिता को कारागार से मुक्त कराया. कथा के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान की लीलाओं का श्रवण करते रहे.

कथा स्थल पर पहुंचे जनप्रतिनिधि

बुधवार रात जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सह सामाजिक न्याय समिति सदस्य जिला परिषद बांका डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भी कथा स्थल पहुंचे. उन्होंने व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र में सुख-शांति एवं अमन-चैन की कामना की. इस दौरान उन्होंने कथावाचक को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया.

ग्रामीणों के सहयोग से सफल हो रहा आयोजन

भागवत कथा को सफल बनाने में गांव के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है. मुख्य यजमान प्रभाकर कुमार एवं उनकी पत्नी किंतु देवी सहित अतेंद्र मंडल, निगम कुमार, निरंजन मंडल, रविन्द्र मंडल, सिकंदर मंडल और संजीव कुमार समेत कई ग्रामीण आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. गांव में चल रहे धार्मिक आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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