बांका में तेज आंधी ने उजाड़ा गरीब का आशियाना, छप्पर उड़ने से अनाज व सामान बर्बाद

Kolhasar Storm Damage News: बांका के कोल्हासार गांव में तेज आंधी और बारिश से मजदूर नेपाली यादव के घर का छप्पर उड़ गया. चार क्विंटल चावल, गेहूं, आलू, प्याज और महत्वपूर्ण दस्तावेज बर्बाद हो गए.

जयपुर (बांका) से लक्ष्मण कुमार मंटु की रिपोर्ट

Kolhasar Storm Damage News: बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र स्थित कोल्हासार गांव में तेज आंधी और बारिश ने एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं. रविवार को आई आंधी में मजदूर नेपाली यादव के घर का छप्पर उड़ गया, जिससे घर में रखा अनाज, खाद्य सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेज बर्बाद हो गए. घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और भविष्य की चिंता सता रही है.

आंधी ने पलभर में पहुंचाया भारी नुकसान

कोल्हासार पंचायत निवासी नेपाली यादव अपने परिवार के साथ कच्चे घर में रहते हैं. शनिवार देर रात और रविवार को हुई तेज आंधी व बारिश के दौरान उनके घर का छप्पर उड़गया. छप्पर हटते ही बारिश का पानी सीधे घर के अंदर भर गया, जिससे खाने-पीने का सामान और अन्य घरेलू सामग्री खराब हो गई.

परिजनों के अनुसार घर में रखी अधिकांश वस्तुएं भीग जाने से उपयोग के लायक नहीं बचीं.

अनाज से लेकर जरूरी दस्तावेज तक हुए खराब

प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान परिवार के खाद्यान्न भंडार को हुआ है. जानकारी के अनुसार घर में रखे करीब चार क्विंटल चावल, दो क्विंटल गेहूं, दो क्विंटल आलू और एक क्विंटल प्याज बारिश में भीगकर खराब हो गए.

इसके अलावा जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात भी पानी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए. मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले नेपाली यादव के लिए यह नुकसान किसी बड़े झटके से कम नहीं है.

Kolhasar Storm Damage News: परिवार पर टूटा संकट का पहाड़

आंधी के बाद परिवार के सामने रहने और भोजन की समस्या खड़ी हो गई है. घर की छत उड़ जाने से परिजन खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं. अचानक हुए इस नुकसान से परिवार के सदस्य मानसिक रूप से भी परेशान हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब परिवार के लिए इतनी बड़ी क्षति की भरपाई करना आसान नहीं होगा.

समाजसेवी ने दिया सहयोग का भरोसा

घटना की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी शिवनारायण यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया.

साथ ही उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग करने की बात कही. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से प्रभावित परिवार की मदद करने की अपील की है.

राहत और मुआवजे की उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित गरीब परिवारों को शीघ्र राहत मिलनी चाहिए ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें. फिलहाल नेपाली यादव और उनका परिवार प्रशासनिक सहायता की उम्मीद लगाए हुए है.

गांव के लोगों का मानना है कि समय पर मदद मिलने से परिवार को इस संकट से उबरने में काफी राहत मिल सकती है.

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Published by: AMIT KR SINHA

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