Degree College Update: बांका जिले के कटोरिया प्रखंड स्थित तेलंगवा में बन रहे डिग्री कॉलेज का डीएम अंशुल अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसी को तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए.
निर्माण कार्य की प्रगति का लिया जायजा
डीएम अंशुल अग्रवाल ने एसपी अमितेश कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया. इस दौरान भवन, परिसर और अन्य निर्माणाधीन हिस्सों का अवलोकन कर कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई. अधिकारियों ने संबंधित अभियंताओं से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली.
60 प्रतिशत कार्य पूरा, 9 दिसंबर तक शेष निर्माण का लक्ष्य
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि डिग्री कॉलेज का लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अब तक की प्रगति पर संतोष जताते हुए उन्होंने कार्यदायी एजेंसी और अभियंताओं को शेष कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया. विशेष रूप से चारदीवारी, भवन की फिनिशिंग और अन्य लंबित कार्यों को 9 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया.
गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
डीएम ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी कार्य स्वीकृत प्राक्कलन और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं. उन्होंने अभियंताओं को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने और पूरे कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई गई तो संबंधित कार्यदायी एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही निर्माण कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा भी जारी रहेगी.
स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
डीएम ने कहा कि डिग्री कॉलेज के निर्माण से कटोरिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध होने से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा. यह कॉलेज क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
