Didi Ki Rasoi : श्रावणी मेला में दूर-दराज से आने वाले कांवरियों के लिए गोड़ियारी टेंट सिटी में संचालित 'दीदी की रसोई' आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यहां श्रद्धालुओं को कम कीमत में ताजा, स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. भोजन की गुणवत्ता और उचित कीमत के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवरिये यहां भोजन करने पहुंच रहे हैं.
स्वच्छता और गुणवत्ता का रखा जा रहा विशेष ध्यान
टेंट सिटी परिसर में संचालित इस रसोई में जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं भोजन तैयार करने से लेकर परोसने तक साफ-सफाई और स्वच्छता के सभी मानकों का पालन कर रही हैं. भोजन बनाने में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह
'दीदी की रसोई' केवल कांवरियों को भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी बन रही है. इस पहल से महिलाओं को आय का अवसर मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
श्रावणी मेला में बढ़ रही लोकप्रियता
श्रावणी मेला के दौरान प्रतिदिन हजारों कांवरिये टेंट सिटी पहुंच रहे हैं. ऐसे में 'दीदी की रसोई' उनकी पसंदीदा भोजन व्यवस्था बनती जा रही है. श्रद्धालुओं का कहना है कि कम कीमत, बेहतर गुणवत्ता और घर जैसा स्वाद उन्हें यहां बार-बार आने के लिए प्रेरित करता है. यही वजह है कि यह पहल सेवा और स्वरोजगार का सफल उदाहरण बनकर उभर रही है.
