Sawan 2026: कटोरिया (बांका). अभी श्रावणी मेला शुरू होने में 11 दिन बाकी हैं, लेकिन बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाले अंतरराज्यीय कांवरिया पथ पर आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है. बंगाली पंचांग के अनुसार शनिवार से बंगला सावन शुरू होते ही असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नेपाल और भूटान से आए शिवभक्त सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर बाबाधाम के लिए पैदल रवाना हो गए हैं. कटोरिया क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर अब हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष लगातार सुनाई देने लगे हैं.
लेकिन आस्था की इस यात्रा के बीच एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है. श्रद्धालुओं का कहना है कि कांवरिया पथ पर अभी कई जरूरी सुविधाएं अधूरी हैं. खासकर जंगल और सुनसान इलाकों में पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है.
श्रावणी मेले से पहले ही बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की संख्या
हर वर्ष बंगला सावन शुरू होते ही पूर्वोत्तर भारत और पड़ोसी देशों से बड़ी संख्या में शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंचते हैं. यहां उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरने के बाद वे करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करते हैं.
कटोरिया से गुजरने वाला अंतरराज्यीय कांवरिया पथ इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस बार भी शुरुआती दिनों से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई है.
जंगल वाले रास्तों में सबसे ज्यादा परेशानी
श्रद्धालुओं ने बताया कि बाजार और आबादी वाले इलाकों में खाने-पीने और जरूरी सामान की व्यवस्था किसी तरह मिल जाती है, लेकिन जंगल और दुर्गम हिस्सों में स्थिति अलग है. वहां न पर्याप्त दुकानें हैं और न ही आसानी से पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है. ऐसे में यात्रियों को पानी और अन्य जरूरी सामान अपने साथ लेकर चलना पड़ रहा है.
कई स्थानों पर अभी चाय, नाश्ता, भोजन, फल और कोल्ड ड्रिंक्स की दुकानें भी पर्याप्त संख्या में नहीं खुली हैं, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले कांवरियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
असम से आए श्रद्धालुओं ने बताई यात्रा की मुश्किलें
शनिवार रात कटोरिया के कुरावा के पास किशनगंज धर्मशाला में विश्राम कर रहे असम के श्रद्धालु कनक दास, नीलू दत्ता और कंदरपा पटवारी ने बताया कि वे 15 श्रद्धालुओं के दल के साथ बाबाधाम जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कांवरिया पथ पर गंगा का महीन बालू तो बिछा दिया गया है, लेकिन कई जगह उसका समतलीकरण अभी पूरा नहीं हुआ है. इससे पैदल चलने में दिक्कत हो रही है. तेज धूप के कारण उन्हें बीच रास्ते में धर्मशाला में रुककर आराम करना पड़ा.
अभी पूरी नहीं हुई हैं जरूरी तैयारियां
श्रावणी मेले के औपचारिक शुभारंभ में अभी 11 दिन का समय है, लेकिन कांवरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को बची हुई तैयारियां जल्द पूरी करनी चाहिए.
श्रद्धालुओं का मानना है कि पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवा, बिजली, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और विश्राम स्थलों की समय पर व्यवस्था होने से दूर-दराज के राज्यों और पड़ोसी देशों से आने वाले लाखों शिवभक्तों की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी.
आने वाले दिनों में जैसे-जैसे सावन आगे बढ़ेगा, कांवरियों की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए.
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