Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेले की शुरुआत में अब केवल पांच दिन शेष हैं, लेकिन सुल्तानगंज से बाबाधाम जाने वाला कांवरिया पथ अभी से केसरियामय हो गया है. शनिवार की शाम बेगूसराय जिले के बलिया गांव से आए शिवभक्तों का एक आकर्षक जत्था कटोरिया स्थित जिला मेला नियंत्रण कक्ष के समीप बने अर्द्धनिर्मित पंडाल में विश्राम के लिए रुका. यहां भजन-कीर्तन और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
केसरियामय हुआ कांवरिया पथ, गूंजे 'बोल बम' के जयघोष
श्रावणी मेले के नजदीक आते ही कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल लगातार बढ़ रही है. जगह-जगह 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है. कटोरिया में विश्राम के दौरान शिवभक्तों ने देर शाम तक भजन-कीर्तन कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की, जिससे आसपास का माहौल भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया.
सजे-धजे रथ के साथ निकला शिवभक्तों का जत्था
बेगूसराय के बलिया गांव से आए करीब चार दर्जन से अधिक शिवभक्त विशेष रूप से सजाए गए रथ के साथ पैदल यात्रा कर रहे हैं. रथ को फूलों, धार्मिक ध्वजों और रंग-बिरंगी सजावट से आकर्षक रूप दिया गया है, जो कांवरिया पथ पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा करते हैं.
भजन-कीर्तन और ढोल-मंजीरा के साथ बढ़ रहे श्रद्धालु
पूरी यात्रा के दौरान शिवभक्त हारमोनियम, ढोल-मंजीरा और भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ रहे हैं. रास्ते में वे समय-समय पर रुककर भगवान शिव का गुणगान करते हैं. 'बोल बम' के गगनभेदी नारों से पूरा कांवरिया पथ भक्तिमय बना हुआ है. स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उनकी सफल और मंगलमय यात्रा की कामना की.
सोमवार को बाबा बैद्यनाथ पर करेंगे जलाभिषेक
श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम में गंगाजल अर्पित करना उनके जीवन की सबसे बड़ी आस्था है. कटोरिया में रात्रि विश्राम के बाद उनका जत्था रविवार को पुनः देवघर के लिए रवाना होगा. सोमवार को बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण कर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सेवा का महापर्व है.
