कटोरिया (बांका) : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का चौथा सप्ताह शुरू हो चुका है, लेकिन कांवरिया पथ पर शिवभक्तों की भीड़ में अब भी कोई कमी नहीं दिख रही है. अजगैबीनाथ धाम से बाबा बैद्यनाथ धाम तक आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. कंधे पर कांवर और उसमें पवित्र गंगाजल लेकर महिला-पुरुष श्रद्धालु नंगे पांव बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं.
भक्ति के दिख रहे अलग-अलग रंग
कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की भक्ति के अलग-अलग रंग आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. कोई चिलचिलाती धूप और बारिश से बचने के लिए छाता लेकर चल रहा है, तो कोई प्लास्टिक ओढ़कर यात्रा पूरी कर रहा है. कई श्रद्धालु भारी-भरकम और आकर्षक ढंग से सजायी गयी कांवर लेकर बाबा नगरी की ओर बढ़ रहे हैं. कुछ कांवरिये पिट्ठू में गंगाजल लेकर नंगे पांव यात्रा करते नजर आ रहे हैं.
कांवर की सजावट खींच रही ध्यान
कई श्रद्धालुओं की कांवर पर की गयी आकर्षक सजावट और धार्मिक संदेश राहगीरों का ध्यान खींच रहे हैं. लंबी दूरी और थकान के बावजूद शिवभक्तों के कदम लगातार आगे बढ़ रहे हैं. रास्ते में लगे सेवा शिविरों पर मिल रही सुविधाओं के साथ बोल-बम के जयघोष से कांवरियों में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है.
बोल-बम के जयघोष से गूंज रहा कांवरिया पथ
संपूर्ण कांवरिया पथ इन दिनों बोल-बम, हर-हर महादेव और 'बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है' जैसे जयघोषों से गूंज रहा है. चौथे सप्ताह में भी कांवरियों की लगातार भीड़ यह बताती है कि सावन की आस्था और बाबा बैद्यनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति में कोई कमी नहीं आयी है. केसरिया सैलाब के बीच पूरा कांवरिया मार्ग शिवमय नजर आ रहा है.
