अंतरराष्ट्रीय सतर्कता दिवस : रेल फाटक पार करने से पहले रहें सतर्क, एक गलती छीन सकती है जिंदगी
Railway Safety Awareness : रेलवे फाटक पर जल्दबाजी अक्सर बड़े हादसों की वजह बनती है. इसी खतरे को कम करने और लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग सतर्कता दिवस पर मंदारहिल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया. रेल अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और अपनी जान जोखिम में नहीं डालने की अपील की.
बौसी, (बांका ) से संजीव पाठक की रिपोर्ट
Banka News : रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित रेल परिचालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग सतर्कता दिवस के अवसर पर मंदारहिल स्टेशन क्षेत्र के विभिन्न समपार फाटकों पर जागरूकता अभियान चलाया गया. मालदा रेल मंडल के निर्देश पर आयोजित इस अभियान में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहगीरों, वाहन चालकों तथा स्थानीय लोगों को रेल सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी और हैंडबिल वितरित कर सतर्क रहने का संदेश दिया.
फाटकों पर पहुंचकर लोगों को किया जागरूक
मंदारहिल स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में रेलवे टीम ने विभिन्न समपार फाटकों पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी. इस दौरान सुरक्षा संदेशों से युक्त हैंडबिल बांटे गए और रेलवे ट्रैक पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया.
बंद फाटक पार करना हो सकता है जानलेवा
रेल अधिकारियों ने कहा कि फाटक बंद होने की स्थिति में किसी भी परिस्थिति में उसे पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए. गेट बूम से छेड़छाड़ करना, जबरन फाटक खोलना या बंद फाटक के नीचे से निकलना गंभीर दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा है. लोगों से अपील की गई कि फाटक खुलने के बाद ही रेलवे लाइन पार करें.
मोबाइल और ईयरफोन से बढ़ता है खतरा
अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि रेलवे ट्रैक पार करते समय मोबाइल फोन, ईयरफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं करना चाहिए. इससे ध्यान भटक सकता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. वाहन चालकों को भी जल्दबाजी से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी गई.
विद्युतीकृत रेलखंड में विशेष सावधानी जरूरी
रेल अधिकारियों ने कहा कि विद्युतीकृत रेलखंड में सुरक्षा नियमों का पालन और भी आवश्यक हो जाता है. समपार फाटक से गुजरने वाले वाहनों की ऊंचाई निर्धारित मानक 4.5 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि समय बचाने की जल्दबाजी में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना उचित नहीं है.
रेल अधिनियम की धाराओं की भी दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान लोगों को भारतीय रेल अधिनियम-1989 के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया. अधिकारियों ने बताया कि अधिनियम की धारा 160 के तहत बंद समपार फाटक को जबरन खोलना, क्षति पहुंचाना या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
रेलवे कर्मी भी रहे मौजूद
अभियान में स्टेशन मास्टर बिकास कुमार, सिग्नल इंस्पेक्टर अंकित प्रियदर्शी, सिग्नल मेंटेनर रविशंकर भारती, आरपीएफ के जवान तथा रेलवे के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे. रेलवे अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित यात्रा और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देने की अपील की.