कटोरिया में 99 लाख का निरीक्षण भवन बना ‘शोपीस’, फर्नीचर और केयरटेकर के अभाव में व्यवस्था बदहाल
Banka News : करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर बना निरीक्षण भवन आज खुद बदहाली का शिकार है. ना कमरे में फर्नीचर, ना देखरेख की व्यवस्था और ऊपर से असामाजिक तत्वों ने खिड़कियां तक तोड़ डालीं.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट : कटोरिया बाजार के थाना रोड स्थित जिला परिषद की जमीन पर लगभग 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित निरीक्षण भवन (आईबी) का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के ठहरने के उद्देश्य से बने इस भवन में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. हालत यह है कि भवन में एक कुर्सी तक उपलब्ध नहीं है.
फर्नीचर के बिना बेकार पड़ा निरीक्षण भवन
करीब एक वर्ष पूर्व तैयार हुए इस निरीक्षण भवन में फर्नीचर की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. पलंग, सोफा सेट और टेबल तो दूर, भवन के कमरों में बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं हैं.स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद भवन का उपयोग नहीं होना सरकारी लापरवाही को दर्शाता है.
समृद्धि यात्रा में बाहर से मंगानी पड़ी थी कुर्सियां
गत 17 मार्च को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान यहां प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी थी.बैठक के लिए बाहर से कुर्सी और टेबल मंगाकर व्यवस्था की गयी थी. इसके बाद से भवन में लगातार ताला लटका हुआ है.
दो मंजिला भवन में आठ कमरे और किचन
जिला परिषद कोटा से बने इस दो मंजिला निरीक्षण भवन में कुल आठ बड़े कमरे बनाए गये हैं. सभी कमरों में शौचालय और बाथरूम की सुविधा भी दी गयी है. दोनों फ्लोर पर किचन की व्यवस्था भी की गयी है.इसके बावजूद भवन का उपयोग नहीं हो रहा, जिससे करोड़ों की सरकारी योजना पर सवाल उठने लगे हैं.
केयरटेकर नहीं, टूटने लगीं खिड़कियां
भवन की देखरेख के लिए अब तक किसी केयरटेकर की नियुक्ति नहीं की गयी है. इसका फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने भवन की खिड़कियों पर पत्थर मारकर शीशे तोड़ दिये हैं.इसके अलावा भवन परिसर के आसपास झाड़ियां और घास उग आयी हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय स्तर पर इसकी अनदेखी की जा रही है.
विवाह भवन निर्माण का भी प्रस्ताव
अंजना देवी ने बताया कि निरीक्षण भवन के समीप विवाह भवन निर्माण का प्रस्ताव भी दिया गया है, ताकि गरीब परिवारों को शादी समारोह में सुविधा मिल सके.उन्होंने कहा कि केयरटेकर बहाली को लेकर जिला परिषद की बैठक में भी मामला उठाया गया है.