पीबीएस कॉलेज में इग्नू सत्र सम्मेलन : छात्रों को स्टार्टअप व रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जुड़ने का किया आह्वान
IGNOU Session Conference : पीबीएस कॉलेज स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र में आयोजित सत्र सम्मेलन में छात्रों को उच्च शिक्षा, करियर निर्माण और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गयी. विशेषज्ञों ने इग्नू के विभिन्न कार्यक्रमों, कौशल विकास आधारित कोर्सों और रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को भविष्य की बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित किया.
बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट
Banka News : बांका स्थित पीबीएस कॉलेज के इग्नू अध्ययन केंद्र में गुरुवार को परिचर्चा सह सत्र सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय इग्नू केंद्र भागलपुर के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कृति विक्रम सिंह और अध्ययन केंद्र समन्वयक राजेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. सम्मेलन में विद्यार्थियों को इग्नू द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, नामांकन प्रक्रिया, रोजगारपरक शिक्षा तथा नवाचार कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. अध्ययन केंद्र समन्वयक राजेंद्र कुमार ने उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय-वस्तु से अवगत कराया. उन्होंने अध्ययन केंद्र से संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि इग्नू दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध करा रहा है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया तथा इग्नू की शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की.
विश्व का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है इग्नू
अपने संबोधन में क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कृति विक्रम सिंह ने बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय विश्व का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है, जिसका शैक्षणिक विस्तार लगभग 30 देशों तक है. उन्होंने कहा कि इग्नू में वर्तमान समय में लगभग 240 विषयों की पढ़ाई कराई जाती है. पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ रोजगारपरक विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं.
सुदूर गांवों तक पहुंचा ज्ञान का प्रकाश
क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि आधुनिक संचार माध्यमों और अध्ययन केंद्रों के जरिए इग्नू देश के सुदूर गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने में सफल रहा है. उन्होंने बताया कि विशेष रूप से लड़कियों, महिलाओं, गरीबों और वंचित वर्गों के बीच उच्च शिक्षा का प्रसार करने में इग्नू की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से ऐसे लोगों को भी पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, जो किसी कारणवश नियमित शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते हैं.
नामांकन और अध्ययन संबंधी समस्याओं का मिला समाधान
सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों को नामांकन, री-रजिस्ट्रेशन और अध्ययन के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान की विस्तृत जानकारी दी गई. क्षेत्रीय निदेशक ने छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्हें इग्नू की ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाओं के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की हर शैक्षणिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और समय-समय पर विभिन्न सहायता सेवाएं उपलब्ध कराता है.
स्टार्टअप और नवाचार कार्यक्रमों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में इग्नू द्वारा संचालित नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ कौशल विकास और नवाचार को जोड़कर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं. सम्मेलन के अंत में विद्यार्थियों ने इस तरह के कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की मांग की. कार्यक्रम में सत्येंद्र कुमार सिंह, समरेश कुमार सिंह, अनुप कुमार, रवि कुमार, हेमंत कुमार, गोविंद राय, शंकर मंडल, विश्वनाथ मंडल, दयानंद सिंह, अटल बिहारी यादव सहित कई शिक्षक और शिक्षार्थी उपस्थित रहे.