अमरपुर (बांका). अमरपुर रेफरल अस्पताल में मंगलवार को बच्चों के नियमित टीकाकरण को लेकर जीरो डोज प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम तथा प्रखंड की जीविका कर्मियों को जीरो डोज बच्चों की पहचान, उनके परिवारों से संपर्क और नियमित टीकाकरण से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण का आयोजन पीसीआई संस्था की ओर से किया गया.
एक भी बच्चा जीरो डोज न रहे, अभियान पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान पीसीआई संस्था के जिला कॉर्डिनेटर रमेश कुमार और ब्लॉक कॉर्डिनेटर रमाकांत प्रसाद ने कर्मियों को जीरो डोज बच्चों की पहचान करने के तरीके बताए. उन्होंने कहा कि प्रखंड में एक भी बच्चा नियमित टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम और जीविका कर्मियों की टीम बनाकर वैसे परिवारों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जिनके बच्चे अब तक टीकाकरण से वंचित हैं. पहचान के बाद बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया.
एक साल तक टीके की कोई खुराक नहीं लेने वाले बच्चे जीरो डोज
संस्था के कॉर्डिनेटर ने बताया कि ऐसे बच्चे जिन्हें एक वर्ष की उम्र तक नियमित टीकाकरण की एक भी खुराक नहीं मिली है, उन्हें जीरो डोज बच्चों की श्रेणी में रखा जाता है. ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर टीकाकरण से जोड़ना जरूरी है. उन्होंने बताया कि जीरो डोज बच्चों की संख्या कम करने और शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है.
घर-घर पहचान कर टीकाकरण से जोड़ने की पहल
प्रशिक्षण में कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण कर टीकाकरण से वंचित बच्चों की जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया. इसके साथ ही अभिभावकों को नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करने और निर्धारित टीकाकरण सत्र में बच्चों को लाने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई.
स्वास्थ्य और जीविका कर्मियों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में अस्पताल की चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीप्ति सिन्हा, अस्पताल प्रबंधक ऋषि कुमार, जीविका बीपीएम ब्रजेश कुमार, अभिषेक घोष सहित अन्य स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के कर्मी मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों ने जीरो डोज बच्चों की पहचान और टीकाकरण से जोड़ने को लेकर आवश्यक जानकारी प्राप्त की.
नियमित टीकाकरण को शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य टीकाकरण से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ना है. विभाग और सहयोगी संस्था की ओर से क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के साथ ऐसे बच्चों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया गया, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण की सुविधा से वंचित न रहे.
