बांका : बौंसी-हंसडीहा मुख्य मार्ग के कुड़रो मोड़ के समीप रविवार की पूरी रात मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और कर्मियों ने कांवरियों की सेवा कर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की. सेवा शिविर में हिंदू-मुस्लिम एकता का सुंदर नजारा देखने को मिला. मुस्लिम समुदाय के आधे दर्जन से अधिक संस्थान कर्मियों और छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक कांवरियों की सेवा में भाग लिया.
नि:शुल्क शरबत, पानी और दवाइयों की व्यवस्था
सेवा शिविर का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन नदीम अख्तर ने फीता काटकर किया. शिविर में कांवरियों के लिए नि:शुल्क शरबत, पानी, फल, मिठाई और दवाइयों समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई. संस्थान के अस्पताल के कर्मी भी पूरे समय शिविर में मौजूद रहे और जरूरतमंद कांवरियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराते रहे.
मानव सेवा और सामाजिक एकता का संदेश
चेयरमैन नदीम अख्तर ने कहा कि कांवरियों की सेवा केवल धार्मिक भावना से जुड़ा कार्य नहीं, बल्कि मानव सेवा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है. हिंदू-मुस्लिम एकता समाज की ताकत है. संस्थान आगे भी इसी भावना के साथ सेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य करता रहेगा. उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना ही सच्ची इंसानियत है.
कई वर्षों से लगाया जा रहा सेवा शिविर
मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की ओर से पिछले कई वर्षों से कुड़रो मोड़ पर कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगाया जा रहा है. संस्थान क्षेत्र में नर्सिंग, पैरामेडिकल और फार्मेसी शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
मौके पर डायरेक्टर मोहम्मद सरफराज, प्राध्यापक विवेक कुमार सिंह, रूपम कुमारी, आयुष कुमार, रुपेश कुमार, प्रधान लिपिक राजीव कुमार समेत छात्र-छात्राएं और अन्य कर्मी मौजूद थे.
