तेज आंधी-बारिश से धोरैया में तबाही, 21 घंटे से बिजली गुल
Storm Havoc in Dhoriya: बांका के धोरैया प्रखंड में बुधवार तड़के आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचा दी. कई घरों के छप्पर उड़ गए, पेड़ और बिजली पोल गिर पड़े, जबकि 21 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है.
धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
Banka News : धोरैया प्रखंड क्षेत्र में बुधवार की अहले सुबह आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे और टीन के मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी. लगातार बिजली गुल रहने से लोगों के सामने पेयजल संकट भी गहरा गया है.
बुधवार सुबह अचानक मौसम खराब होने के बाद तेज हवा और बारिश ने पूरे इलाके में भारी नुकसान पहुंचाया. कई जगहों पर बड़े पेड़ गिर गए, जिससे घरों और बिजली व्यवस्था को भारी क्षति पहुंची है.
कई घरों के उड़े छप्पर
आंधी के कारण कई झोपड़ीनुमा और टीन के मकानों के छप्पर उड़ गए. ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान कच्चे मकानों को हुआ है. कई घरों पर पेड़ गिरने से छतें क्षतिग्रस्त हो गयीं.ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवा इतनी भयावह थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. कई परिवार रातभर दहशत में रहे.
33 हजार लाइन में फॉल्ट, बिजली व्यवस्था ठप
आंधी के दौरान 33 हजार बिजली लाइन में फॉल्ट आने से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी. कई जगहों पर बिजली पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए.21 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बुधवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी. इसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पेयजल संकट से बढ़ी परेशानी
बिजली नहीं रहने के कारण नल-जल योजना की सप्लाई भी प्रभावित हो गयी है. जिन घरों में ट्यूबवेल नहीं हैं, वहां लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.मोबाइल चार्जिंग, घरेलू कामकाज और अन्य जरूरी कार्य भी बिजली बाधित रहने से प्रभावित हो रहे हैं.
बिजली तार पर गिरा पेड़
कनीय अभियंता रवि रंजन कुमार ने बताया कि कई जगहों पर बिजली प्रवाहित तारों पर पेड़ गिर गए हैं और बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इसी कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है.उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मी लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं और जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है.
लोगों ने जल्द राहत की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त घरों का सर्वे कर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि लगातार बिजली गुल रहने से गर्मी और पेयजल संकट ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.