बांका, बौंसी. प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को भगवान गणेश की पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा. कुड़रो स्थित शीतला माता मंदिर प्रांगण में श्री श्री 108 गणेश पूजनोत्सव समारोह का शुभारंभ हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की प्रतिमा विधि-विधान से स्थापित की गयी. इसके बाद पूजा-अर्चना, पुष्पांजलि और आरती की गयी.
पूजा में संजीव पांडेय यजमान की भूमिका में मौजूद रहे. आचार्य ओमप्रकाश जी के सान्निध्य में वैदिक रीति-रिवाज के साथ पूजा संपन्न करायी गयी. मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा में शामिल हुए और भगवान गणेश से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की.
तीन दिनों तक चलेगा गणेश पूजनोत्सव
कुड़रो में आयोजित गणेश पूजनोत्सव 14 से 16 सितंबर तक चलेगा. सोमवार की शाम भजन संध्या एवं भक्ति जागरण का आयोजन किया गया. इसमें प्रसिद्ध कलाकारों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किये. इसके साथ ही मेले का भी आयोजन किया गया है.
डांडिया और कोलकाता के कलाकारों की झांकी बनेगी आकर्षण
मंगलवार को नित्य पूजा, अर्चना, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण के बाद शाम में ग्रामीण कला-संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. डांडिया नृत्य के अलावा कोलकाता से आये कलाकारों की ओर से झांकी और नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा.
पूर्णाहुति के बाद होगा भंडारा और प्रतिमा विसर्जन
16 सितंबर को नित्य पूजा, अर्चना, हवन और पूर्णाहुति के बाद ब्राह्मण कन्या भोजन तथा सार्वजनिक नि:शुल्क भंडारे का आयोजन किया जायेगा. इसके बाद खेलकूद प्रतियोगिता, मटका फोड़ सहित अन्य कार्यक्रम होंगे. कार्यक्रमों के समापन के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा.
बौंसी बाजार से गोकुला गांव तक गणपति की आराधना
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गयी. बौंसी बाजार के अलावा गोकुल गांव में भी गणेश पूजा का आयोजन हुआ. वहीं बौंसी नगर पंचायत के भाया भीठा मोहल्ला, भोली बाबा आश्रम रोड सहित अन्य जगहों पर भी श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की.
विभिन्न पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही. गणपति के जयकारों और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा. पूजा समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गयी.
गणपति की आराधना से शुभ कार्यों में मिलती है सफलता
आचार्य ओमप्रकाश जी ने कहा कि भगवान गणेश प्रथम पूज्य देव हैं. किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति की आराधना करने की परंपरा है. वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से की गयी पूजा से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने कहा कि गणेश पूजनोत्सव श्रद्धा के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का भी अवसर है.
