बौंसी में महिला की जलकर मौत का मामला गहराया, एफएसएल जांच में मिले अहम सुराग
महिला के मौत की घटना के चार दिन बाद पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की संयुक्त टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर गहन जांच की और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं.
बांका जिले के बौंसी नगर पंचायत स्थित थाना कॉलोनी में एक विवाहित महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई जलकर मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. घटना के चार दिन बाद पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की संयुक्त टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर गहन जांच की और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश का परिणाम.
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और एफएसएल टीम
बौसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के नेतृत्व में पुलिस और एफएसएल की टीम थाना कॉलोनी स्थित उस मकान में पहुंची, जहां 25 वर्षीय ज्योति कुमारी आग से गंभीर रूप से झुलस गई थीं. जांच दल में इंस्पेक्टर मनीष कुमार, थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा, एसआई राकेश कुमार और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल थे. टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को अपने कब्जे में लिया.
85 प्रतिशत तक झुलसने के बाद हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, बाराहाट थाना क्षेत्र के सुपहा गांव की रहने वाली ज्योति कुमारी बौसी बाजार की थाना कॉलोनी में अपने प्रेमी अभिजीत उर्फ गोलू के साथ रह रही थीं. चार दिन पहले आग लगने की घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
डॉक्टरों के अनुसार, ज्योति का शरीर करीब 85 प्रतिशत तक जल चुका था. वहीं घटना में अभिजीत उर्फ गोलू भी गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसका इलाज अभी मायागंज अस्पताल में जारी है.
अस्पताल से लोगों के फरार होने से बढ़ा संदेह
मामले ने उस समय और भी रहस्यमयी रूप ले लिया जब ज्योति की मौत के बाद उसके साथ अस्पताल पहुंचे कुछ लोग अचानक वहां से गायब हो गए. इस घटना के बाद मृतका की मां रेखा देवी ने भागलपुर के बरारी थाना में बयान दर्ज कराया था.अपने बयान में उन्होंने अभिजीत उर्फ गोलू, उसके पिता राजेश मंडल और परिवार के दो अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बरारी थाना में दर्ज बयान के आधार पर बौसी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है.
जांच में मिला जला मोबाइल, ज्वलनशील पदार्थ की भी आशंका
एफएसएल जांच के दौरान बंद पड़े कमरे का ताला खोलकर वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया गया. टीम को कमरे से एक जला हुआ मोबाइल फोन मिला है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. इसके अलावा कई अन्य वस्तुओं और नमूनों को भी सुरक्षित किया गया है.सूत्रों के अनुसार, कमरे के भीतर पेट्रोल या डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ की गंध महसूस की गई. एफएसएल टीम द्वारा जुटाए गए नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकता है.
प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ, हर पहलू पर नजर
पुलिस आसपास के लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से लगातार पूछताछ कर रही है. जांच का फोकस इस बात पर है कि आग दुर्घटनावश लगी थी या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी.एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
इलाके में चर्चा का केंद्र बना मामला
महिला की संदिग्ध मौत, प्रेम संबंधों का पहलू और जांच में सामने आ रहे नए तथ्यों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. अब हर किसी की नजर पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस रहस्यमयी मौत की असल सच्चाई सामने आ सकेगी.
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